राजगढ़। रविवार को क्षेत्र में आगजनी की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं, जिनमें कंडे, चारा और भूसा जलकर नष्ट हो गया। पहली घटना समीपस्थ ग्राम भानगढ़ में हुई, जहां शॉर्ट सर्किट के कारण पशु बांधने के स्थान पर अचानक भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेज थी कि वहां रखे 100 से अधिक गोबर के कंडे और एक ट्रॉली भर भूसा जलकर पूरी तरह खाक हो गया।
आग की लपटें और धुएं का गुबार उठता देख आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने-अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने बाल्टियों, टैंकर और अन्य साधनों से लगातार पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता अधिक होने के कारण इसे नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया। घटना की सूचना मिलते ही नगर परिषद की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम भानगढ़ निवासी कन्हैयालाल कुमावत (दूध व्यवसायी) के घर के पास बने पशु बाड़े में शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़की थी। गनीमत रही कि घटना के समय वहां पशु बंधे नहीं थे, जिससे कोई जनहानि या पशुहानि नहीं हुई। इस आगजनी में बड़ी मात्रा में कंडे और भूसा जलने से परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ है।
दूसरी घटना ग्राम चिचोड़िया में सामने आई, जहां अज्ञात कारणों से लगी आग ने किसानों के खेतों में रखे चारे और भूसे को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में अमरसिंह और नकुल के खेतों में रखा चारा व भूसा पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। यहां भी ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास किया और बाद में पहुंची फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। दोनों घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है।


















