सरदारपुर – जामपाड़ा में दो बच्‍च‍ियों की होद में डुबोकर मारने का मामला निकला साजिश, पैर फ‍िसलकर कुएं में गिरने से हुई थी दोनों की मौत

हादसे को मर्डर का रूप देने की रची गई साजिश, मां के बयान ने पलटी पूरी कहानी

सरदारपुर। राजोद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जामपाड़ा में सोमवार देर शाम दो सगी बहनों के शव मिलने के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। शुरुआती दौर में जिसे दोहरा हत्याकांड माना जा रहा था, वह दरअसल पुलिस जांच में एक साजिश और षड्यंत्र निकला। दोनों बच्चियों की मौत कुएं में पैर फिसलने और डूबने से हुई थी, लेकिन गांव के ही कुछ लोगों ने अपनी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए इस हादसे को हत्या का रूप दे दिया था।

सूत्रों से मिलही जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत हनुमंतिया के सरपंच और पटलावदिया गांव की एक विवाहित महिला को साथ रखने के मामले में दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद चल रहा था। सोमवार को इसी विवाद के निपटारे के लिए महिला के ससुराल पक्ष के लोग दो तूफान गाड़ियों में सवार होकर जामपाड़ा पहुंचे थे। गांव के पास स्थित क्रिकेट मैदान पर आदिवासी परंपरा के अनुसार बैठक चल रही थी।

बातचीत के दौरान सहमति नहीं बनी और विवाद उग्र हो गया था। आरोप है कि पटलावदिया पक्ष के लोगों ने गांव में घुसकर मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच, जामपाड़ा निवासी दिनेश कटारा की दो मासूम बेटियों, ऋषिका 4 वर्ष और शिवानी 5 वर्ष के शव पानी के एक हौद के पास मिले। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हमलावर दोनों बच्चियों को उठाकर ले गए और हौद में डुबोकर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए फरार हो गए थे।

मां के बयान ने पलटी पूरी कहानी
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए राजोद थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। फोरेंसिककी टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीछा कर करीब 21 संदिग्धों को हिरासत में भी ले लिया था।

पूछताछ में मां ने स्वीकार किया कि वह अपनी बेटियों के साथ गांव के पास ही बकरी चराने गई हुई थी। इसी दौरान उसकी छोटी बेटी का पैर फिसल गया और वह कुएं में गिर गई। उसे बचाने के लिए मां ने कुएं में छलांग लगाई, जिसे देख बड़ी बेटी भी कुएं में कूद गई। चीख-पुकार सुनकर गांव के ही दो व्यक्तियों ने कुएं में उतरकर तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों मासूम बच्चियों की मौत हो चुकी थीं।

हादसे को मर्डर का रूप देने की रची गई साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि जब बच्चियों को कुएं से मृत निकाला गया, उसी समय गांव में पटलावदिया और खेरखेड़ा के लोगों के बीच विवाद और चिल्ला-पुकार चल रही थी। गांव के ही कुछ लोगों ने इस स्थिति का फायदा उठाने की सोची। उन्होंने पटलावदिया के लोगों को फंसाने और अपनी रंजिश का बदला लेने के लिए दोनों बच्‍च‍ियों को होद के पास रखकर षडयंत्र रचा और ग्रामीणों को सूचना दे दी पटलावदिया से आए लोगो ने बच्‍च‍ियों को होद में डूबोकर मार डाला है। हादसे में मृत हुई बच्चियों के शवों को कुएं से उठाकर चुपचाप पानी के हौद के पास रख दिया गया और यह अफवाह फैला दी कि तूफान गाड़ी से आए हमलावरों ने बच्चियों को हौद में डुबोकर मारा है। पूछताछ में शव निकालने वाले ग्रामीणों ने भी इस षड्यंत्र को रचने की बात कबूल कर ली है।

एएसपी पारुल बेलापुरकर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि थाना राजोद में सूचना मिली थी कि सरपंच और एक महिला के सामाजिक विवाद के निपटारे के दौरान पटलावदिया के लोगों ने आकर हंगामा किया और बच्चियों को हौद में फेंक दिया। वरिष्ठ अधिकारियों और एफएसल टीम ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया। जब बच्चियों की मां से पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि बकरी चराने के दौरान छोटी बेटी कुएं में गिर गई थी, जिसे बचाने में मां और बड़ी बेटी भी कूदीं। गांव के दो लोगों ने इन्हें निकाला, लेकिन बच्चियों की मौत हो चुकी थी। पूर्व के झगड़े के कारण गांव वालों ने इसे ऐसा स्वरूप दिया कि आरोपियों ने बच्चियों को हौद में गिराया है। फिलहाल राजोद थाने में मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक जांच की जा रही है।

Facebook
Twitter
WhatsApp
[the_ad id="80502"]

लेटेस्ट न्यूज़

[the_ad id="80502"]

Related Post

error: Content is protected !!