सरदारपुर। 29 जनवरी से पांच दिवसीय माही पंचक्रोशी पदयात्रा प्रारंभ होगी जिसका 2 फरवरी को समापन होगा। श्री बलदेव हनुमान एवं माही माता के सानिध्य में 29 वी माही पंचक्रोशी पदयात्रा 29 जनवरी से प्रारंभ होगी। माही सागर ( गुप्त तीर्थ क्षेत्र ) नगर व क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। यह पदयात्रा क्षेत्र की सबसे बड़ी यात्रा होकर इस यात्रा में निमाड़, मालवा, गुजरात, महाराष्ट्र सहित अन्य स्थानों से बढ़ी संख्या में श्रद्धालु आकर यात्रा में सम्मिलित होकर धर्म लाभ लेते हैं। यात्रा 100 से अधिक गांवों का भ्रमण कर 150 किमी से अधिक का सफर तय कर श्रद्धालु 2 फरवरी को माही तट सरदारपुर पहुंचेंगे जहां हवन, पुजन के साथ यात्रा का समापन होगा।
इधर, रविवार को पुराने राजमार्ग मार्ग स्थित माही तट पर बलदेव हनुमान मन्दिर, संतोष कुटी आश्रम परिसर में मंहत मंगलदास, प्रेमदास, रामेश्वर गिरी, नारायण दास के सानिध्य में 29 वी माही पंचकोषी पदयात्रा निकालने जाने हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से पुनः धर्मेन्द्र मंडलोई को अध्यक्ष बनाकर पंचक्रोशी पदयात्रा का दायित्व सौंपा गया। समिति द्वारा परम्परा अनुसार यात्रा प्रारंभ के पूर्व 28 जनवरी संध्या को 151 फिट लंबी चुनरी यात्रा बैंड बाजों के साथ अति प्राचीन दुर्गा माताजी मंदिर से निकालकर मां माही को चुनरी ओढाई जाएगी।
28 को ओढाई जाएगी मां माही को चुनरी –
नवनिर्वाचित समिति अध्यक्ष मंडलोई ने बताया कि 28 जनवरी को मां माही को चुनरी ओढ़ाई जावेगी। माही भक्तों के लिए समिति द्वारा भोजन की व्यवस्था रहेगी। 29 जनवरी को यात्रा के पहले 8 बजे अखंड ज्योति एवं ध्वजा की बोली लगने के पश्चात यात्रा प्रारंभ होगी।
बैठक के दौरान मधुसुदन गर्ग, कनकमल जैन, शैतानसिंह चौहान, उमेश सौराडा, पूर्व नपं अध्यक्ष बृजेश ग्रेवाल, रामेश्वर मारु, जीवनसिंह बाबा, सत्यनारायण वैष्णव, जुझारसिंह डांगी, पिन्टु गुगावन, मुकेश गेंदर, गोपाल गेंदर, धर्मेन्द्रसिंह राजपुत, गिरधारी चौधरी, नाथुलाल पाटीदार, चेतन वैष्णव, अजय पाटीदार, रीतेश गुरु, ओम बाबा, कृष्णा बारोड, नवीन बानिया, सत्यनारायण वैष्णव, भुरु सौराडा, शैतानसिंह चौहान आदि श्रद्धालु उपस्थित थे।

















