राजगढ़। जनजाति विकास मंच जिला धार एवं क्रीड़ा भारती के तत्वावधान में राजगढ़ नगर के उदय पैलेस गार्डन में दो दिवसीय बिरसा मुंडा शिविर एवं कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन का युवाओं में भगवान बिरसा मुंडा के विचारों, संघर्ष और जनजातीय गौरव की भावना को जागृत करने के उद्देश्य से किया गया। साथ ही शिविर में खेलों के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना और शारीरिक विकास को मजबूत करना भी रहा। कार्यक्रम के दौरान युवाओं के लिए विभिन्न प्रेरणादायी सत्र आयोजित किए गए। कबड्डी प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

वही शिविर की भूमिका अरविंद डावर जनजाति विकास मंच जिला अध्यक्ष द्वारा रखी वहीं। उद्घाटन सत्र में राजेश डावर जनजाति कार्य रतलाम विभाग द्वारा जनजाति समाज की संस्कृति परंपरा रीति रिवाज व उनके वैज्ञानिक महत्व बताया। द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में लक्ष्मण सिंह मरकाम अपर सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय व आयुक्त TRI भोपाल पेसा एक्ट वनाधिकार टास्क फोर्स समिति सदस्य ने भारत को तोड़ने के लिए वैश्विक षड्यंत्र और भारत को शक्तिशाली बनाने में युवाओं की भुमिका बताया।
वही खेमसिंह जमरा भीमा नायक वनांचल सेवा संस्था के प्रांत सचिव ने संवैधानिक अधिकार डि-लिस्टिंग वन अधिकार कानून बताया। भुपेंद्र राठौड़ विभाग शारिरिक शिक्षण प्रमुख ने पंच परिवर्तन के बारे में बताया। शिविर में शामिल हुए प्रांत जनजाति कार्य प्रमुख कैलाश अमलीयार ने भारत का गौरवशाली अतीत को बताया तथा समापन सत्र में वक्ता मोहन नारायण गिरी शहिद समरसता मिशन के संस्थापक ने स्वतंत्रता संग्राम में जनजाति नायकों का योगदान को याद करते हुए प्रमुख क्रांति का वर्णन किया।

युवा शिविर में धार जिले के 9 विकासखण्ड से 270 खिलाड़ी शामिल हुए। कबड्डी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सरदारपुर, द्वितीय स्थान धरमपुरी, तृतीय स्थान उमरबन एवं चतुर्थ स्थान डही रही। प्रथम विजेता टीम सरदारपुर को देवा सिंगार जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि सरदारपुर ने पुरस्कार राशि दी। द्वितीय विजेता टीम धरमपुरी को पुरस्कार राशि धूलिराम सरपंच बोला ने दी। तृतीय विजेता टीम को पुरस्कार राशि भेरुलाल सरपंच महापुरा ने दी तथा चतुर्थ विजेता टीम को पुरस्कार राशि कैलाश भूरिया सरपंच सेमलिया द्वारा दी गई। विजेता टीम को पुरस्कार राशि व भगवान बिरसा मुंडा का चित्र प्रदान कर सम्मानित किया।



















