RSS का शताब्दी वर्ष: समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक कदम, पेटलावद में भव्य पथ संचलन, दो हजार स्वयंसेवकों ने दिखाई एकजुटता

आयुषी राठौर @ पेटलावद। पेटलावद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर उदय गार्डन से भव्य पथ संचलन निकाला गया। इस पथ संचलन में लगभग दो हजार स्वयंसेवकों ने कदमताल करते हुए 50 मिनट में 3 किमी की दूरी तय कर सभा स्थल पर उपस्थित हुए। पूरे मार्ग में 50 से अधिक स्थानों पर सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने संचलन का स्वागत पुष्पों से किया।

पंच परिवर्तन का संकल्प –
आरएसएस ने अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर “पंच परिवर्तन” का संकल्प लिया है, जिसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। पंच परिवर्तन के मुख्य बिंदु हैं :-

  • सामाजिक समरसता: समाज के विभिन्न वर्गों के बीच एकता और समरसता को बढ़ावा देना।
  • कुटुंब प्रबोधन: पारिवारिक मूल्यों और परंपराओं को मजबूत करना।
  • पर्यावरण संरक्षण: पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के लिए काम करना।
  • स्व आधारित जीवन शैली: आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।
  • संरक्षित करना: भारतीय संस्कृति और मूल्यों को संरक्षित करना।

प्रधानमंत्री ने जारी किया स्मारक डाक टिकट और सिक्का –
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संघ की शताब्दी पर स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया है, जो संघ के योगदान को मान्यता देता है।

संघ के शताब्दी वर्ष का महत्व –
शताब्दी वर्ष बीते सफर की उपलब्धियों का उत्सव ही नहीं, वरन् भविष्य के सपनों, राष्ट्रीय संकल्प और सामाजिक सुधार का अवसर भी है। भारतीय समाज की सामूहिक शक्ति और सकारात्मक परिवर्तन के लिए यह वर्ष प्रेरणास्रोत बनना चाहिए। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर हमें समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

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