रिंगनोद। ग्राम गुमानपुरा में विद्युत विभाग की लापरवाही ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। गांव के मुख्य मार्ग पर लगा एक बिजली का खंभा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर खतरनाक रूप से झुक गया है। खंभे की जर्जर हालत और उस पर नीचे की ओर झूलते बिजली के तार हर पल किसी बड़े हादसे का संकेत दे रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक मूकदर्शक बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश है।
ग्रामीणों का कहना है कि खंभा अब पूरी तरह असंतुलित हो चुका है और कभी भी धराशायी हो सकता है। यदि ऐसा हुआ तो राहगीरों, वाहनों और विशेष रूप से स्कूली बच्चों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है।
स्कूल बसों और जुलूसों का प्रमुख मार्ग, खतरा कई गुना बढ़ा –
गांव के रोहित मोलवा, लक्ष्मण मोलवा और जगदीश चौधरी ने बताया कि यह मार्ग गांव का मुख्य रास्ता है, जहां से प्रतिदिन स्कूल बसें, शादी समारोह के जुलूस और अन्य वाहन गुजरते हैं। ऐसे में झुका हुआ खंभा और नीचे लटकते विद्युत तार कभी भी किसी वाहन से टकराकर बड़ा हादसा कर सकते हैं। ग्रामीणों ने विभाग से तत्काल इस क्षतिग्रस्त खंभे को हटाकर नया खंभा लगाने की मांग की है।

कई बार शिकायत, फिर भी जिम्मेदार बेखबर –
ग्रामीण राकेश मोलवा, अनिल गेहलोत, राजेन्द्र मोलवा और लेखराज मोलवा ने बताया कि वे कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस गंभीर समस्या से अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग की इस लापरवाही से ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और किसी अनहोनी की आशंका से चिंतित हैं।
समय रहते नहीं जागा विभाग, तो हो सकती है बड़ी अनहोनी –
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते खंभे को नहीं बदला गया और कोई दुर्घटना हो गई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन और विभाग से मांग की है कि जनहित और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल क्षतिग्रस्त खंभे को बदलकर नया खंभा लगाया जाए, ताकि संभावित हादसे को रोका जा सके।
- इस संबंध में विभाग के कनिष्ठ यंत्री गजेंद्र वास्केल ने बताया कि गुमानपुरा के क्षतिग्रस्त बिजली खंभे का मामला संज्ञान में आया है जल्द ही यहाँ भी नया पोल जनहित में लगाया जाएगा।


















