सरदारपुर। मामूली कहासुनी पर हत्या करने वाले आरोपी सुखलाल पिता डूढला उम्र 42 साल निवासी मालपुरिया को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
आरोपी सुखलाल ने अपने ही बेटे लालसिंह को मौत के घाट उतार दिया था। पिता व पुत्र जंगल से पशु चराकर गांव की और लौट रहे थे, कुछ देर बाद मवेशी एक खेत में फसलों को नुकसान पहुंचाते हुए खाने लगे। जब पिता ने पुत्र को मवेशी हटाने की बात कही, इस बात पर पिता व पुत्र में बहस हो गई थी। सरदारपुर के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश हेमन्त यादव ने हत्या के एक प्रकरण में निर्णय सुनाते हुए आरोपी को दंडित किया है।
प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक वीरेंद्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सरदारपुर थाना अंतर्गत रिंगनोद चौकी पर ग्रामीण शेरू डुडवे घटना को लेकर प्राथमिक सूचना दी थी। घटना दिनांक 10 सितंबर 2024 को दोपहर के समय किसान खेत पर सोयाबीन की फसल देखने गया था। जंगल की और से आरोपी सुखलाल व लालसिंह पशु चराते हुए गांव की और आ रहे थे, पशु कुछ देर बाद पडोसी प्रहलाद राजपूत के खेत में चले गए। जहां पर फसलों को नुकसान पहुंचाने पर ही आरोपी नाराज हो गया था।
आरोपी ने अचानक पुत्र पर हथियार से हमला कर दिया था, जिससे लालसिंह को गले की ढुड्डी पर चोट लगी थी। जिससे लालसिंह जमीन पर गिर गया, उसके बाद आरोपी सुखलाल ने लालसिंह को जान से मारने के लिए गला दबा दिया था। हालांकि बचाव के लिए ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी खेत से फरार हो गया। पुलिस ने हत्या की धारा में प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
अनुसंधान पूर्ण कर पुलिस ने अभियोग पत्र कोर्ट के समक्ष पेश किया। सत्र न्यायालय में हुए अभियोजन पक्ष द्वारा 12 साक्षियों को पेश किया था। कोर्ट ने आरोपी सुखलाल को अपने पुत्र की हत्या के लिए दोषी पाए जाने पर सजा सुनाई है।


















