कथा वाचक श्री भारद्वाज ने कहा – हमें गाय को कसाई से व भाई को विधर्मियों से बचाना हैं
रिंगनोद। जिस तरह हम अपने खेतों में खड़ी फसल की रखवाली करते है उसी तरह ही हमें अपने गांव व मोहल्ले की रखवाली विधर्मियों से करना हैं। ऐसा नही हो कि कोई भाई किसी के बहकावे में आकर अपना हिंदू धर्म छोड़ दे। हमें गाय को कसाई और भाई को विधर्मियों के पास नही जाने देना हैं। इसका हमें ही संकल्प लेना होगा। हम सब सनातनी एक है इसी भाव को अपने अंदर बसाकर भगवान की भक्ति के साथ ही विधर्मियों से दूर रहना हैं। उक्त उद्गार माताजी मंदिर के ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम जी भारद्वाज ने गुमानपुरा के मवड़ी में सिद्ध क्षेत्र सुराई माता स्थित महादेव मंदिर में चल रही पंच दिवसीय श्री शिव चरित्र कथा के तीसरे दिन दीया।
श्री भारद्वाज ने कथा का वाचन करते हुए कहा कि माता शबरी को विश्वास था कि उनके राम एक ना एक दिन जरूर आएंगे और अंततः श्री राम मां शबरी की झोपड़ी में आए। मां शबरी की तरह ही हमें भी अपने राम, अपने कृष्ण व अपने महादेव पर विश्वास करना होगा। किसी के लोभ में आकर अपने धर्म को नही बदलना है, अगर कोई ऐसा कर रहा है तो उसे जिम्मेदारी से समझाना होगा।

कथा में 6 गांवो से बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु –
श्री शिव चरित्र कथा का आयोजन ग्राम मवड़ी, गुमानपुरा, खलवा, पाटरुंडी, फुलझर व ढाकनबारी के ग्रामीणों के सहयोग से किया जा रहा हैं। कथा का श्रवण करने सभी 6 गांवों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु पहुंच रहें। कथा का समापन 11 फरवरी को दोपहर 3 बजे से महाप्रसादी के साथ होगा।
जनजाति क्षेत्र के लोगों को जोड़ रहे है धर्म की मुख्य धारा से –
राजगढ़ के अति प्राचीन माताजी मंदिर के ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम जी भारद्वाज द्वारा जनजाति क्षेत्रो में लगातार जनजाति लोगो को धर्म की मुख्य धारा जोड़ा जा रहा हैं। ताकि जनजाति क्षेत्रो के लोग धर्म का रास्ता अपनाकर सदमार्ग की ओर चलते रहे। रिंगनोद के गौमुख धाम, झाबुआ जिले के कालीदेवी के साथ ही अब गुमानपुरा क्षेत्र में धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज का जागरण कर रहे है। श्री भारद्वाज ने कहा कि अगर हम जनजाति क्षेत्रों में नही पहुचेंगे तो विधर्मी अपना दायरा बड़ा लेंगे। इन क्षेत्रों में धार्मिक आयोजनो का क्रम लगातार जारी रहेगा।



















