राजगढ़। सरदारपुर तहसील क्षेत्र में निवासरत सिर्वी समाज के सभी गांवों के पंचों का सकल पंच सम्मेलन बुधवार को आयोजित किया गया। सम्मेलन में समाज की एकता, संस्कार, शिक्षा, युवा पीढ़ी को समाज से जोड़ने, सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन तथा समाज की श्रेष्ठ परंपराओं को आगे बढ़ाने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया ।सम्मेलन राजगढ़ में एक निजी स्कूल में आई माताजी को दीप प्रज्वलन एवं आरती के साथ हुआ। कार्यक्रम में बिलाड़ा धाम से पधारे आई पंथ के जती बाबा महेन्द्रजी महाराज का मुख्य सानिध्य प्राप्त हुआ। वहीं आई पंथ के धर्मगुरु दीवान माधवसिंह राठौड़, बिलाड़ा धाम ने लाइव मीटिंग के माध्यम से सकल पंचों को आशीर्वचन प्रदान किए। धर्मगुरु दीवान माधवसिंह राठौड़ ने कहा कि समाज में बाल संस्कार केंद्र एवं महिला संस्कार केंद्र का गठन किया जाए। प्रत्येक शनिवार को मांगलिक भवन अथवा मंदिर परिसर में पंच बैठक आयोजित कर समाजहित के विषयों पर चर्चा की जाए।
उन्होंने कहा कि हमारी श्रेष्ठ परंपराओं को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है। संस्कारों से ही हमारी आने वाली पीढ़ियां मजबूत और संस्कारवान बनेंगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समाज के विकास में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। शिक्षा के साथ-साथ कृषि कार्य और व्यापार के क्षेत्र में भी अपने हुनर को तराशें। समाज का प्रत्येक व्यक्ति आत्मनिर्भर और सक्षम बने, इसके लिए युवाओं को नए अवसरों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए। धर्मगुरु ने कहा कि समाज का कार्य करना हम सभी का दायित्व है। समाज ने हमें जो भी जिम्मेदारी सौंपी है, उसका पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए।

समाज कार्य ईश्वरीय कार्य –
बिलाड़ा धाम से पधारे आई पंथ के जती बाबा महेन्द्र महाराज ने सकल पंचों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज कार्य ईश्वरीय कार्य है। समाज ने पंचों और पदाधिकारियों को जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे समय-समय पर पूर्ण निष्ठा के साथ निभाना चाहिए।उन्होंने युवा पीढ़ी को समाज से जोड़ने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि युवाओं को संस्कारों और हमारी श्रेष्ठ परंपराओं से अवगत कराया जाए। बदलते समय के साथ समाज को भी अपडेट रहना होगा, ताकि नई पीढ़ी आधुनिक शिक्षा और तकनीक के साथ अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से भी जुड़ी रहे। जती बाबा ने कहा कि मंदिर बनाकर उसे भूलना नहीं चाहिए। मंदिर समाज की धार्मिक और संस्कारिक गतिविधियों के केंद्र हैं। प्रत्येक परिवार के सदस्यों को प्रतिदिन मंदिर भेजने की परंपरा विकसित की जाए, जिससे नई पीढ़ी धर्म, संस्कार और समाज से जुड़ी रहे।
पंचों ने लिया समाज को मजबूत बनाने का संकल्प –
सम्मेलन में गांव-गांव में नियमित पंच बैठक आयोजित करने, बाल एवं महिला संस्कार केंद्र शुरू करने, युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा सामाजिक गतिविधियों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।इस दौरान मोहन बर्फा कोणदा, हरजी मुकाती टांडा, बाबू हामड़ कुक्षी सहित सरदारपुर तहसील में निवासरत सिर्वी समाज के सभी गांवों के पंच एवं नागरिक मौजूद रहे। उक्त जानकारी मिडिया प्रभारी विनोद सिर्वी धुलेट ने दी।



















