सरदारपुर। सरदारपुर- भोपावर- रिंगनोद सड़क मार्ग गत दो वर्ष से जर्जर होकर खतरनाक स्थिति मे पहुंच गया था। हाल ही में शासन ने इसके टू लेन निर्माण के लिए 1482 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।
जिससे पिछले तीन माह से निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के प्रचलन मे होने से लोकनिर्माण विभाग ने भारी वाहन निशेध का बोर्ड तो लगा दिया है। लेकिन इन भारी वाहनो को रोकने के लिए कोई कारगर कदम नही उठाए है। जिससे हेवी लोडेड ट्रक, डम्पर धड़ल्ले से जर्जर सड़क पर दोड़ रहे है।जिसके चलते दो सप्ताह मे दो ट्रक पलटी खा गए है। गनीमत है कि इससे कोई बड़ी जनहानि नही हुई।
सरदारपुर फोर लेन चौकड़ी से रिंगनोद तक 8 किलोमीटर सड़क पूरी तरह उखड़कर जर्जर हो चुकी थी। शासन ने इसके टू लेन निर्माण के लिए 1482 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। निर्माण एजेंसी ने अभी 3 माह पूर्व निर्माण कार्य शुरू किया है। इस निर्माणाधीन सड़क पर अभी बाइक, छोटी कारो को ही निकलने की अनुमति है। जबकि भारी वाहन निशेध कर रखा है।
इसके बावजूद भारी वाहन इस निर्माणाधीन मार्ग पर धूल के गुब्बार उड़ाते हुए बैखौफ होकर गुजर रहे है। इनकी रोकथाम के लिए लोक निर्माण विभाग ने निर्माणधीन सड़क पर कोई इंतजाम नही किए है। भारी वाहनो के निर्माणाधीन सड़क मार्ग से गुजरने पर पैदल चलने वाले लोगो, छोटे दो पहिया व चार पहिया कारो से बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। वही निर्माण कार्य मे भी यह भारी वाहन बाधा उत्पन्न कर रहे है। भारी वाहनो के निर्माणाधीन सड़क से धूल उड़ाते सरपट दोड़ने से लोगो के मुंह और आंखो मे धूल घुस रही है।जिससे लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे है।
इस मामले मे लोक निर्माण विभाग के एसडीओ लक्ष्मीनारायण राठौर ने बताया कि लोकनिर्माण विभाग के नियमानुसार भारी वाहन प्रवेश निषेध का बोर्ड लगा दिया है। इसके बावजूद भी अगर भारी वाहन निकल रहे है तो मे क्या कर सकता हूं। लोक निर्माण विभाग का जो नियम है उसको मेने बोर्ड लगाकर फालो कर दिया है। अब यह तो वाहन चालको को समझना चाहिए।


















