सरदारपुर। भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी ‘स्वामित्व योजना’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित स्वामित्व अधिकार अभिलेखों का पंजीयन 17 सितंबर से संबंधित गांवों में निःशुल्क किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत सरदारपुर तहसील के 160 गांवों में लगभग 21,000 स्वामित्व अभिलेखों का पंजीयन लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासन ने इस प्रक्रिया को अभियान के रूप में चलाने के लिए राजस्व विभाग के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक तथा पंचायत विभाग के एडीओ एवं पीसीओ को पंजीयनकर्ता अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं, संबंधित ग्राम पटवारी को दस्तावेज निष्पादनकर्ता की जिम्मेदारी दी गई है। अभियान का प्रथम चरणन 17 से 18 सितंबर, द्वितीय चरण 24 से 26 सितंबर, तृतीय चरण 1 अक्टूबर से (अधिक प्रभार व अधिक भूखंडों वाले गांवों हेतु आवश्यकतानुसार) प्रारंभ होगा।
तहसीलदार ने विभिन्न गांवों का किया निरीक्षण –
कलेक्टर राजीव रंजन मीणा के निर्देशों के तहत पंजीयन से पूर्व भूखंड स्वामी का समग्र-आधार लिंक तथा भूखंड का आधार ई-केवाईसी (e-KYC) होना अनिवार्य है। निर्देशों के पालन में तहसीलदार महेश सिंह सोलंकी ने ग्राम भोपावर, बड़वेली, अहमद और आमोदिया का दौरा कर पटवारियों द्वारा किए जा रहे ई-केवाईसी कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर 17 सितंबर से पहले शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कराने की अपील की, ताकि तय समय पर पंजीयन शुरू हो सके।

तहसीलदार महेश सिंह सोलंकी ने बताया कि इस प्रक्रिया में पंजीयन के लिए दो गवाहों की आवश्यकता होगी। गवाहों का भी समग्र-आधार लिंक होना जरूरी है। एक व्यक्ति एक से अधिक दस्तावेजों में गवाह बन सकता है। भूखंड धारक स्वयं भी ‘एमपी ई-सेवा’ पोर्टल के जरिए अपने स्वामित्व भूखंड के पंजीयन हेतु आवेदन कर सकते हैं। यह आवेदन सीधे संबंधित पटवारी की आईडी पर जाएगा, जहां से सत्यापन व आवश्यक सुधार के बाद अधिकृत पंजीयनकर्ता अधिकारी को अग्रेशित किया जाएगा।


















