सरदारपुर। ग्राम गोंदीखेड़ा चारण में हुई सनसनीखेज लूट और हत्या की गुत्थी को पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में सुलझा लिया है। जिसे पत्नी ने अज्ञात बदमाशों का हमला बताकर लूट का रूप दिया था, वह असल में प्रेम संबंधों के चलते रची गई एक खौफनाक साजिश निकली। पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हत्या की सुपारी लेने वाला सह आरोपी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस टीमों द्वारा की जा रही है। धार में जिला पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरी वारदात का खुलासा किया।
7 अप्रैल की रात को प्रियंका पुरोहित ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर उसके पति देवकृष्ण की धारदार हथियार से हत्या कर दी और उसे बंधक बनाकर सोने-चांदी के जेवर व नकदी लूट ले गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी अनुराग और एसपी मयंक अवस्थी के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया।

बयानों से शक की सुई पत्नी पर घुमी –
शुरुआती जांच में ही पुलिस को प्रियंका के बयानों पर संदेह हुआ। साइबर टीम, डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मदद से जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों ने शक की सुई पत्नी की ओर मोड़ दी। जब महिला पुलिस की उपस्थिति में प्रियंका से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो वह टूट गई और अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि प्रियंका का राजगढ़ निवासी कमलेश पुरोहित के साथ प्रेम प्रसंग था। पति देवकृष्ण को रास्ते से हटाने के लिए प्रेमी कमलेश ने अपने दोस्त सुरेन्द्र पिता प्रतापसिंह भाटी निवासी छडावद को एक लाख रुपये की फिरौती दी थी। साजिश के तहत हत्या को लूट का रंग देने के लिए घर से गहने और नकदी गायब किए गए थे, सुपारी की कुछ राशि भी दोनों ने सुरेंद्र को दी थी, अन्य बकाया राशि देने से पहले की हत्याकांड का खुलासा हो गया।
पूर्व में रचा था हत्या का षडयंत्र –
पुलिस पुछताछ में प्रियंका ने बताया कि वह पूर्व में भी अपने प्रेमी कमलेश पुरोहित के साथ पति देवकृष्ण की हत्या का प्रयास कर चुकी है थी, लेकिन दोनों विफल हो गए थे, दोनों एक दूसरे को 2021 से जानते थे, प्रियंका और कमलेश में बातचीत को लेकर पत्नी और पति में विवाद भी हुआ था, जिसके बाद वह कुछ दिन अपने मायके भी रहने चली गई थी।
वारदात वाली रात कमलेश और सुरेंद्र को प्रियंका ने ही घर में प्रवेश कराया था, जब पति देवकृष्ण अपने पलंग पर सो रहा था, तभी प्रियंका ने दोनों को इशारा किया और सिर में धारदार हथियार से हमला कर दिया और उठने का मौका ही नही दिया, हत्या के बाद तीनों में 15 मिनट तक बातचीत भी हुई थी जिसमें वारदात के बाद प्रियंका को शोर मचाकर अन्य लोगो को लूट की घटना के बारे में बताना भी तय किया गया था।

2 अप्रैल को बनाई थी हत्या की योजना –
ग्राम छड़ावद निवासी सह आरोपी सुरेंद्र पिता प्रतापसिंह भाटी आदतन अपराधी हैं, सुरेंद्र पर पहले से ही हत्या, लूट जैसे गंभीर मामलों में अपराध दर्ज है। प्रेमी कमलेश ने अपरोधी सुरेंद्र को प्रेम संबंधों में रुकावट बन रहे देवकृष्ण की जानकारी दी तथा एक लाख रुपए में हत्या की सुपारी दी। योजना के तहत दिनांक 2 अप्रैल को सबसे पहले हत्या करने की योजना बनाई गई, किंतु आरोपी सुरेंद्र के राजोद नहीं पहुंचने पर उस दिन देवकृष्ण बच गया। हालांकि इसके पांच दिन बाद 7 अप्रैल की रात सुरेंद्र ने हत्या कर दी। इधर, बताया जा रहा है कि सन 2017 में पारिवारिक शादी समारोह में प्रेमी कमलेश से प्रियंका की मुलाकात हुई थी। तब से ही दोनों में दोस्ती हुई व हर दिन बातचीत होने लगी। 11 साल की शादी पर 9 साल का प्रेम भारी होने लगा और इसका परिणाम ख़ौफ़नाक तरीके से सामने आया।
इनकी रही भूमिका –
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी राजोद रामसिंह राठौर, थाना प्रभारी तिरला ज्योति पटेल, थाना प्रभारी सरदारपुर अनिल जाधव, थाना प्रभारी राजगढ समीर पाटीदार, थाना प्रभारी अमझेरा राजू मकवाना, उप निरीक्षक हिना जोशी, चौकी प्रभारी रिंगनोद उप निरीक्षक गुलाबसिंह भयडिया, सहायक उपनिरीक्षक पीएस डामोर, सुनिल राजपूत, रमेशचन्द्र भाभर, प्रधान आरक्षक अर्जुनसिंह, विपिन कटारा, दिलिप, अंकित रघुवंशी, महेन्द्र, विक्रम अहिरवार, लालसिंह, वेलसिंह, राकेश,करण, रमिला पचाया व सायबर सेल प्रभारी प्रशांत गुंजाल, सायबर सेल धार टीम के . सर्वेशसिंह सोलंकी, बलराम भंवर, .प्रशांत सिंह चौहान, रोहित नरगावे, मनीष पाल, आर शुभम शर्मा का विशेष योगदान रहा है।



















