विनोद सिर्वी @ धुलेट-राजगढ़। भारतवर्ष में बसे सिर्वी समाज ने अपने-अपने क्षेत्र में आई माताजी के मंदिरों के साथ विशाल धर्मशालाएं एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाएं बना रहे हैं। इसी प्रेरणा से वर्तमान धर्मगुरु दीवान माधव सिंह बिलाड़ा के मार्गदर्शन में वर्ष 2007 में राजगढ़ को आसपास के गांवों का केंद्र मानते हुए समाज की एक स्थायी धरोहर बनाने का निर्णय लिया गया। उस समय भूमि की आवश्यकता को देखते हुए समाज के भामाशाह मांगीलाल वर्फा (राजगढ़) एवं विराजी कोटवाल (अमोदिया) ने भूमि दान की। तत्पश्चात तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष जमुना देवी एवं समाजजन की उपस्थिति में भूमि पूजन कर श्री आईजी विद्यापीठ स्कूल भवन का निर्माण प्रारंभ हुआ। तब से अब तक इस भूमि पर 15 सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 510 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। समाज का मुख्य उद्देश्य वैवाहिक खर्चों में कमी कर शिक्षा एवं समाज उत्थान में सहयोग देना हैं।
इसी क्रम में श्री क्षत्रिय सिर्वी समाज ट्रस्ट, राजगढ़ के तत्वावधान में माँ श्री आई माता की कृपा से 16वां भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन 20 अप्रैल को आयोजित किया जा रहा है। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर इस वर्ष 13 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे।
समाजसेवी हरिराम सिदंडा ने बताया कि अब तक इस पावन स्थल पर लगभग 510 जोड़ों का विवाह संपन्न हो चुका है। समाज का उद्देश्य केवल विवाह कराना नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्थान को बढ़ावा देना है। यह धरोहर पूरे समाज के सहयोग से बनी है और आगे भी समाज को दिशा देती रहेगी। कार्यक्रम का आयोजन कुक्षी रोड़ स्थित विद्यालय परिसर में किया जाएगा। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।

तैयारियां लगभग पूर्ण, व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित –
सामूहिक विवाह आयोजन को लेकर तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। साज-सज्जा के साथ भोजन प्रसादी एवं पानी की व्यवस्था विभिन्न कार्यों के अनुसार समाजजनों को जिम्मेदारी के रूप में सौंपी गई है। वहीं करीब चालीस हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र में भव्य टेंट लगाया गया है, जिससे आयोजन की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
दो दिवसीय आयोजन में होंगे विविध मांगलिक कार्यक्रम –
सम्मेलन का शुभारंभ 19 अप्रैल, रविवार को सायं 7 बजे श्री गणेश पूजन से होगा। 20 अप्रैल, सोमवार (अक्षय तृतीया) को प्रातः 7 बजे गंगाजल, 7:30 बजे स्वल्पाहार, 10 बजे से प्रीतिभोज तथा प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक शुभलग्न में 13 जोड़ों का सामूहिक विवाह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया जाएगा। विवाह प.पू. आचार्य जगदीश शर्मा (कंजरोटा वाले) के सानिध्य में होगा।
आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद काग ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन समाज की एकता, सहयोग और संस्कारों का प्रतीक है। इस वर्ष 13 जोड़ों का एक साथ विवाह होना गर्व की बात है तथा यह आयोजन फिजूलखर्ची रोककर जरूरतमंद परिवारों को सहयोग देने का सशक्त माध्यम है।
देशभर से जुटेंगे समाज के गणमान्यजन –
आयोजन की मुख्य अतिथि भारत सरकार की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर रहेंगी। विशिष्ट अतिथियों में सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल, नगर परिषद अध्यक्ष सवेरा महेश जायसवाल, थाना प्रभारी समीर पाटीदार सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी शामिल रहेंगे। इसके अलावा अखिल भारतीय सिर्वी महासभा के पदाधिकारी एवं तमिलनाडु, कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से समाजजन कार्यक्रम में भाग लेंगे।
सामाजिक एकता और सहयोग का प्रतीक सामूहिक विवाह सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में फिजूलखर्ची पर रोक लगाना, जरूरतमंद परिवारों को सहयोग देना तथा सामाजिक एकता को मजबूत करना है। यह आयोजन वर्षों से समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है।
समिति ने किया सहभागिता का आह्वान –
श्री क्षत्रिय सिर्वी समाज ट्रस्ट राजगढ़ एवं सकल पंच क्षत्रिय सिर्वी समाज ने सभी समाज बंधुओं, मातृशक्ति एवं युवा साथियों से सपरिवार उपस्थित होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने की अपील की है।

















