सरदारपुर। वन परिक्षेत्र सरदारपुर अंतर्गत खैर की लकड़ी के अवैध संग्रहण को लेकर वन विभाग ने बड़ी कार्यवाही की हैं। वन परिक्षेत्र सरदारपुर अंतर्गत राजस्व क्षेत्र में लाबरीया-चिराखान के पास लाल्याखाल में एक खेत में बने मकान के भीतर अवैध रूप से खैर लकड़ी का संग्रहण एवं छाल निकालने का काम किया जा रहा था विभाग को जैसे ही इसकी सूचना मिली तत्काल कार्यवाही की गए।
वनमंडलाधिकारी विजयनंथम टी.आर. के मार्गदर्शन में उक्त कार्यवाही की गई। मुखबीर से प्राप्त सुचना मिली थी कि लाबरीया-चिराखान के पास लाल्याखाल में एक खेत में बने मकान के भीतर अवैध रूप से खैर लकडी का संग्रहण एवं छाल निकालने का काम किया जा रहा था। वनमण्डलाधिकारी के निर्देशन में तत्काल टीम गठित कर रवाना की गयी। वन स्टाफ द्वारा शाम को उस मकान में दबीश दी गयी। जहाँ मौका स्थल से दो व्यक्तियों को पकड़ा गया। मौका स्थल पर बडी मात्रा में खैर का संग्रहण किया गया एवं उसे अन्य राज्यों में भेजने की तैयार की जा रही थी।
दोनों आरोपीयों से पूछताछ में बताया कि दोनो छतरपुर जिले के निवासी है एवं शाहरूख एवं बादशाह नाम के दो व्यक्ति हमें पैसों का लालच देकर यहा लेकर आए हम पिछले 15 दिन से स्थानीय ढाबे में रूके हुए थे एवं खैर की लकडी में छिलने का कार्य कर रहे थे। इसके एवंज में हमें 200 से 300 रूपया प्रति क्विंटल के हिसाब से दिया जाता है। इसके पहले मुकेश नाम के एक व्यक्ति हमें रतलाम एवं झाबुआ जिले में लाबरीया डेम के पास खैर की लकड़ी छिलने के लिए काम के लिए लेकर गया था। दोनों पकड़े गये आरोपीयो को मजदुरी का भुगतान ऑनलाईन माध्यम से स्थानीय व्यापारी को किया जाता था, जो दोनो आरापीयों को नगद राशि देता था। आस-पास के क्षेत्र में शाहरूख और बादशाह की सर्चिग की जा रही है।
दोनों फिलहाल फरार है प्रारम्भिक जॉच में पता चला है कि झाबुआ वनमण्डल में भी शाहरूख के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज है। उप वनमण्डलाधिकारी सुनिल सुलिया द्वारा बताया गया विगत कुछ वर्षों में धार एवं झाबुआ के राजस्व क्षेत्र एवं माही नदी के आस-पास के क्षेत्र में बड़ी मात्रा में खैर के वृक्षों को अवैध रूप से काटकर दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है। वन विभाग लगातार सक्रियता से कार्यवाही कर लकड़ी माफिया पर लगाम कस रहा है।
फॉरेस्ट रेंजर डॉ. शैलेन्द्र सोलंकी ने बताया सम्पूर्ण कार्यवाही रात्रि 4 बजे तक कि गई। संग्रहण की गई लकड़ी को लोडिंग पिकअप वाहन में भरकर परिक्षेत्र कार्यालय सरदारपुर लाया गया। जप्त लकडी का अनुमानित वजन लगभग 50 से 60 क्विंटल है। जिसकी अनुमानित बाजार किमत लगभग 2 लाख रूपये है। दोनों आरोपियों से पूछताछ कर पकड़ जारी है एवं नियमानुसार वन अपराध प्रकरण दर्ज कर आगामी कार्यवाही की जा रही है। निशानदेही के आधार पर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर म न्यायालय में प्रस्तुत किया जायेगा। टीम का नेतृत्व विकम नीनामा डिप्टी रेंजर द्वारा किया गया एवं कार्यवाही में अनिल हरोड, पतल भारती, निरज सोनी, मनीष पाल, अर्जुन राठौर, सुरेन्द्र सोलंकी, रमेश मेहड़ा एवं जुबैरखान का योगदान रहा।


















