सरदारपुर। पैसा एक्ट के तहत पारित प्रस्ताव के बावजूद ग्राम पंचायत जौलाना की समस्त शासकीय भूमि एन.ई.आर.डी. कार्यालय भोपाल को आवंटित की गई। जिसके कारण विधायक प्रताप ग्रेवाल और ग्रामीणो ने गुरूवार को एसडीएम कार्यालय पहुचकर एसडीएम सलोनी अग्रवाल और तहसीलदार मुकेश बामनिया को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन मे बताया कि ग्राम पंचायत की आपत्ति के बावजूद शासकीय भूमि का आवंटन कर दिया गया जिससे शासकीय भूमि पर वर्षो से काबिज गरीब आदिवासी भूमिहीन हो गए है साथ ही ग्राम पंचायत भी शासकीय भवनो के निर्माण के लिए भूमिहीन हो गई है।
इसके पूर्व मे भी दिनांक 28.11.2024 को ग्राम जौलाना एवं नाहरपुरा के ग्रामीणो द्वारा नायब तहसीलदार, टप्पा तहसील कार्यालय लाबरिया को आवेदन देकर ग्राम जौलाना एवं नाहरपुरा की शासकीय भूमि एन.ई.आर.डी. कार्यालय भोपाल को आवंटित नही करने की मांग की गई थी उसके बावजूद शासकीय भूमि आवंटित कर दी गई जो कि पैसा एक्ट के अनुरूप नही है।
ज्ञापन सौंपकर भूमि का आवंटन निरस्त करने की मांग की गई है। इस दौरान बडी संख्या मे ग्राम जौलाना एवं नाहरपुरा के ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
मोरगांव में रेलवे कार्य मे 20 परिवारो को बिना पुनर्वास किए विस्थापन की प्रक्रिया –
इधर, ग्राम मौरगॉव में 20 परिवारो को बिना पुनर्वास किए विस्थापन की प्रक्रिया रेलवे द्वारा की जा रही है। इसको लेकर भी मौरगॉव, बोदला, हातोद सहित अन्य गांव के ग्रामीणो द्वारा रेलवे कार्य से संबंधित विभीन्न मांगो के संबंध मे ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन मे बताया कि बिना विस्थापन प्रक्रिया के मौरगॉव मे 20 परिवारो को विस्थापित किया जा रहा है। रेलवे कार्य मे किसानो की सिंचाई पाईप लाईन को क्षतिग्रस्त होने से उसकी क्षतिपूर्ति नही दी जा रही है ज्ञापन के दौरान ग्राम मौरगॉव, बोदला, हातोद के किसान बडी संख्या मे मौजूद रहे।


















