सरदारपुर में माही नदी तट पर किसानों का जल सत्याग्रह समाप्त: अधिकारियों से वार्ता के बाद सौंपा ज्ञापन, फिलहाल 66 गांवों को ही मिलेगा नर्मदा का पानी

सरदारपुर। क्षेत्र के किसानों के अधिकारों और सिंचाई के लिए पानी की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा माही नदी के तट पर किया जा रहा जल सत्याग्रह शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई विस्तृत वार्ता और मिले आश्वासनों के बाद समाप्त हो गया। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों का जल्द निराकरण की बात कही।

माही नदी में उतरकर विरोध जता रहे किसानों के बीच शनिवार को सरदारपुर तहसीलदार प्रशस्ति सिंह जमरा और नर्मदा सिंचाई परियोजना के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी पहुंचे। मौके पर प्राथमिक बातचीत के बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल को एसडीएम कार्यालय में विस्तृत चर्चा के लिए बुलाया गया। प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों के साथ चली लंबी बातचीत में किसानों की मांगों पर बिंदुवार विचार किया गया, जिसके बाद किसानों ने जल सत्याग्रह स्थगित करने का निर्णय लिया।

फिलहाल केवल 66 गांवों को मिलेगा नर्मदा का पानी –
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष राकेश सोलंकी ने वार्ता के विवरण की जानकारी देते हुए बताया कि नर्मदा सिंचाई परियोजना के अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान चरण में परियोजना का पानी केवल 66 गांवों के किसानों को ही मिल सकेगा। शेष वंचित गांवों के लिए फिलहाल विभाग के पास कोई सक्रिय योजना नहीं है।

इस स्थिति को देखते हुए जिलाध्यक्ष सोलंकी ने क्षेत्र के किसानों से विशेष अपील की है कि वे जल उपलब्धता की इस वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपने विवेक से ही आगामी फसलों की बोवनी की योजना बनाएं, ताकि भविष्य में जल संकट के कारण आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।

सूखा घोषित करने की मांग पर 15 दिन का समय –
वार्ता के दौरान यूनियन ने धार जिले को तत्काल ‘सूखाग्रस्त’ घोषित करने की प्रमुख मांग रखी। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने उच्च स्तर पर वस्तुस्थिति से अवगत कराने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए 15 दिनों का समय मांगा है। यूनियन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय 15 दिनों की समय-सीमा के भीतर जिले को सूखा घोषित नहीं किया गया और किसानों से जुड़े अन्य आश्वासनों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसान यूनियन व्यापक स्तर पर पुनः आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।

इधर, नर्मदा सिंचाई परियोजना एसडीओ अविनाश बडोले ने बताया कि बैठक के दौरान उपस्थित किसानों को समस्या से अवगत करवाते हुए बताया गया है कि कालीकराय व माही डेम तक पानी पहुंचाना संभव नहीं है। रबि सीजन के दौरान टेस्टिंग कर 66 गांवों में पानी उपलब्ध कराया जाएगा।।

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