नर्मदा का पानी तालाबों तक पहुंचाने और सूखा राहत की मांग: सरदारपुर में भारतीय किसान यूनियन ने किया प्रदर्शन, SDM कार्यालय के बाहर फाड़ा ज्ञापन

सरदारपुर। किसानों की विभिन्न समस्याओं और सिंचाई संकट के समाधान को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष राकेश सोलंकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी कार्यालय पहुंचे। किसानों की मांग थी कि नर्मदा सिंचाई परियोजना का पानी तालाबों और किसानों के खेतों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

किसानों ने बताया कि उन्होंने पहले ही प्रशासन को सूचना दी थी कि पानी की समस्या सहित अन्य मांगों को लेकर 5 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। जिला अध्यक्ष राकेश सोलंकी ने कहा कि क्षेत्र में इस समय सबसे बड़ी समस्या सिंचाई के पानी की है। किसानों को यह स्पष्ट जानकारी चाहिए कि नर्मदा सिंचाई परियोजना का पानी किस तरह तालाबों तक पहुंचेगा और वहां से किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी कैसे उपलब्ध कराया जाएगा। इसी को लेकर किसानों ने नर्मदा सिंचाई परियोजना और जल संसाधन विभाग के अधिकारीयो से मौके पर बुलाकर बात करने की मांग की।

जब किसानों ने एसडीएम अजमेर सिंह गौड़ से संबंधित अधिकारी को बुलाने के लिए कहा तो इसको लेकर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद किसानों ने एसडीएम कार्यालय के बहार धरना दिया व मुख्यमंत्री के नाम तैयार ज्ञापन फाड़ दिया और बिना ज्ञापन सौंपे कार्यालय से चले गए।

तालाबों और खेतों तक पानी पहुंचाने की मांग –
किसानों की मांग है कि नर्मदा सिंचाई परियोजना का पानी कालीकराई, माही नदी, गोविंदपुरा, उंडेली तालाब, महावीर जलाशय, मेरको डेम अमझेरा सहित अन्य तालाबों में पहुंचाया जाए। इन जलाशयों में पानी उपलब्ध होने के बाद किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंच सकेगा। किसानों का कहना है कि कृषि कार्य चल रहे हैं और कम बारिश के कारण फसलों को सिंचाई के पानी की जरूरत है। किसानों ने कम बारिश से प्रभावित गांवों को सूखाग्रस्त घोषित कर राहत राशि देने की मांग की। उनका कहना है कि जिले के कई क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है और सिंचाई के साधन भी उपलब्ध नहीं हैं। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है। किसानों ने सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी जल्द शुरू करने की मांग भी रखी। सोयाबीन पककर तैयार हो चुकी है और कई किसानों की फसल कट भी चुकी है। ऐसे में किसानों को उपज का उचित मूल्य मिलना जरूरी है।

तालाब निर्माण और नीलगाय से फसल बचाने की मांग –
किसानों ने रिंगनोद-वाकड़ घाटा तालाब का निर्माण जल्द कराने की मांग की। उनका कहना है कि तालाब बनने से क्षेत्र में पानी का इंतजाम होगा और सिंचाई में राहत मिलेगी। इसके अलावा नीलगाय से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों ने नीलगाय को पकड़कर ऐसे जंगल क्षेत्रों में छोड़ने की मांग की, जहां खेती नहीं होती। सरदारपुर तहसील के कुछ गांव खरमोर अभयारण्य के कारण नर्मदा सिंचाई परियोजना से वंचित रह गए हैं। किसानों ने इन गांवों को भी जल्द नर्मदा सिंचाई परियोजना का लाभ देने की मांग की। इस दौरान जिला अध्यक्ष राकेश सोलंकी सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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