राजगढ़ – प्रमुख 13 मंदिरों पर हो रहा श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन, समापन अवसर पर 18 सितंबर को निकलेगी भव्य समापन धर्म यात्रा

जब देह साथ ना देगी तब नाम सुमिरन ही काम आएगा – श्री भारद्वाज

राजगढ़। जब देह साथ ना दे उस समय एक ही साधन काम आएगा और वह है भगवान का नाम सुमिरन है। वस्त्र मेले हो उससे कोई फर्क नही पड़ता, लेकिन मन मेला नही होना चाहिए। उक्त उद्गार नगर के पांच धाम एक मुकाम श्री माताजी मंदिर पर चल रही श्रीमद भागवत कथा का वाचन करते हुए ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम जी भारद्वाज ने कही। वही ज्योतिषाचार्य श्री भारद्वाज ने कहा की बर्तनों को मांजने के लिए पीतांबरी का उपयोग करते है और मन को मांजना है तो पीतांबर का नाम ही काफी है, इसलिए नाम सुमिरन ही श्रेष्ठ है। मंदिर पर आयोजित भागवत कथा का श्रवण करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है।

नगर की संस्था श्री चारभुजा युवा मंच द्वारा भागवत ज्ञान गंगा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत राजगढ़ नगर के सनातन समाज के प्रमुख 13 मंदिरों पर श्रीमद भागवत कथा का वाचन हो रहा है। श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा सप्ताह के समापन अवसर पर श्री चारभुजा युवा मंच के नेतृत्व में 18 सितंबर को ऐतिहासिक यात्रा निकाली जाएगी। इसमें प्रदेश सहित दिल्ली, राजस्थान और गुजरात के अलग-अलग शहरों से प्रसिद्ध कलाकार शिरकत कर प्रस्तुति देंगे। यात्रा को लेकर तैयारियां का दौर अंतिम दौर में हैं।


गौरतलब है कि मंच द्वारा 1987 से कथा पर्व के समापन अवसर पर सनातन धर्म की ऐतिहासिक यात्रा निकाली जा रही हैं। प्रतिवर्ष अलग-अलग प्रदेशो के विख्यात कलाकार सहभागिता करते हैं। मंच अध्यक्ष राकेश सोलंकी ने बताया कि इस वर्ष यात्रा में श्री लड्डू गोपालजी की पालकी, बाबा खाटू श्याम का दरबार, इंदौर का प्रसिद्ध मालवा बैंड, चिराग आर्ट्स दिल्ली, राजस्थान के युवराज ग्रुप उदयपुर, हसो महांकाल भक्त मंडल उज्जैन, कथक मंडली राजकोट, गरूड़जी की झांकी, 12 फीट उंची नरकासुर की झांकी, श्री गंगा माताजी, बांबु मेन एवं आदिवासी लोकगायक विक्रम चौहान, भेरू मस्ताना एवं गायिका विलाश परमार, 13 मंदिरों के कथापुराणी शिरकत करेंगे। जबकि क्षेत्र के अन्य कई आकर्षण के केंद्र शामिल भी रहेंगे। साथ ही महामंडलेश्वर डॉ नरसिंह दास जी महाराज मांडव भी यात्रा को सानिध्य देने के लिए सहभागिता करेंगे।

यह रहेगा यात्रा का रूट –
चार भुजा युवा मंच के सचिव सुजीत ठाकुर ने बताया कि यात्रा दोपहर एक बजे श्री माताजी मंदिर से प्रारंभ होकर श्री राजेंद्र सूरी चौक, न्यू बस स्टैंड कार्नर, पुराना बस स्टैंड, मैन चौपाटी, तीन बत्ती, लाल दरवाजा, चबूतरा चौक पुनः चौपाटी, राजेंद्र सूरी चौक होते हुए श्री माताजी मंदिर पहुंचेगा। समापन अवसर सभी कथापुराणियों का मंच द्वारा सम्मान किया जाएगा। महाआरती के बाद प्रसादी का वितरण किया जाएगा। यात्रा को लेकर मंच के मनोज माहेश्वरी, नवीन बानिया, गोपाल माहेश्वरी, पवन जोशी, मुकेश बजाज, विजय व्यास, राजेश शर्मा, ओमप्रकाश परमार, गोविंद मोरी, भरत मोरी, गिरिराज राठौर, हरिओम सोनी, दुर्गाप्रसाद सोलंकी, दीपक पटेल, अंतिम कमेड़िया, हरिश मकवाना, मनीष मकवाना, कृष्णा बारोड़, राजेंद्र पड़ियार, घनष्याम सोलंकी, राहुल यादव, कमलेश चौहान, रवि पंवार, जाग्रत शर्मा, प्रेम सोलंकी, संजय भाटी आदि पदाधिकारी तैयारियां में लगे हुए हैं।

13 मंदिरों में चल रही भागवत कथा –
नगर के माताजी मंदिर के साथ ही श्री लालबाई फूलबाई मंदिर पर पंडित चंद्रप्रकाष दवे, श्री शेषषायी राधाकृष्ण राजपूत समाज मंदिर पर आचार्यश्री कृष्णकांतजी उपाध्याय, सेन समाज मंदिर पर पंडित शुभम शर्मा राजोद, दलपुरा स्थित श्रीराम मंदिर पर मधुसुदन शर्मा फूलगांवड़ी, श्रीआई माताजी मंदिर पर पंडित प्रकाषजी शर्मा सोनगढ़, सरकारी श्रीराम मंदिर पर पं. सुनिल शर्मा भानगढ़, मंडी प्रांगण स्थित श्री नागेष्वर महादेव मंदिर पर पंडित अखिलेष शर्मा, श्री चारभुजा मंदिर पर मधुसुदन शर्मा देवपुरी राजस्थान, लोहार समाज मंदिर पर पंडित सुभाष शर्मा, श्रीरामदेव मंदिर पर श्री अभिषेक व्यास बालोदा, गवली समाज मंदिर पर पंडित लखन शर्मा एवं मालीपुरा स्थित श्री शंकर मंदिर पर पंडित पवन शर्मा द्वारा कथा श्रवण कराई जा रही हैं।

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