सरदारपुर। सोमवार को सिविल अस्पताल मे मरीजो का नया रिकार्ड कायम हो गया। ओपीडी मे रिकार्ड तोड़ मरीजो की भीड़ ने अस्पताल के इतिहास में अभी तक के मरीजो के सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया। ओपीडी मे 620 मरीजो के अतिरिक्त आईपीडी मे 110 मरीजो को भर्ती कर उनका उपचार किया गया। वही 65 मरीजो की ब्लड सैंपलिंग भी की गई।
12 अगस्त से जब सिविल अस्पताल नये भवन मे आरंभ हुआ ग्रामीण अंचलो से बडी संख्या में मरीज उपचार के लिये आ रहे हैै। सिविल अस्पताल मे जहा वरिष्ठ चिकीत्सक डाॅ. शीला मुजाल्दा, एमएस सर्जन डाॅ.नितीन जोशी है। वही सीबीएमओ डाॅ. अरूण मोहरानी एमडी है। आफीस वर्क के साथ मरीजो का उपचार कर रहे है। वही शिशु रोग विशेषज्ञ के तौर पर डाॅ. अनिल पाटीदार, डाॅ. सचिन द्विवेदी, डाॅ.दीपक सोंलकी सहित कई चिकीत्सक नियमीत तौर पर मरीजो का उपचार कर रहे है।

व्यवस्था में हुआ सुधार- पिछले तीन माह मेे सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओ मे काफी हद तक सुधार हुआ है। वही नवीन अस्पताल मे व्यवस्था दुरुस्त होने तथा सारी सुविधाये एक ही छत के नीचे उपलब्ध होने के कारण बडी संख्या मे मरीज उपचार के लिये आ रहे हैै। 10 रूप के शुल्क मे संपुर्ण उपचार होने तथा दवाईया निःशुल्क उपलब्ध होने के चलते भी बडी संख्या मे मरीज आ रहे है।
हब लैब की सख्त आवश्यकता – सिविल अस्पताल की हब लब जगह के अभाव के चलते दो वर्ष पुर्व अमझेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्थातंरित कर दी गई थी। भले ही विभाग ने आदेश जारी कर लैब को स्थातंरित करने को कहा है, लेकिन अमझेरा क्षैत्र मे भी लैब की आवश्यकता के चलते सरदारपुर मे नए हब लैब की स्थापन्ना को लेकर उच्च अधिकारीयो को अवगत करवाया है। अभी अमझेरा से कर्मचारी प्रतिदिन सिविल अस्पताल सरदारपुर आ रहे है तथा सैपंलीग कर अगले दिन रिर्पोट लेकर आते है। जिससे मरीजो का समय पर उपचार आरंभ नही हो पा रहा है। वैसे यदि सरदारपुर मे हब लैब स्थापित हो जाये तो मरीजो का समय पर उपचार करने मे चिकीत्सको को काफी सुविधा होगी। वर्तमान मे प्रतिदिन 50 से अधिक मरीजो की अस्पताल मे ब्लड सैंपलिग हो रही हैै।
संसाधनो की बनी हुई कमी – 50 बेड के सिविल अस्पताल मे हाल फिलहाल संसाधनो की कमी बनी हुए है। पुराने 30 बेड से काम चलाया जा रहा है वही रेडियोलाजिस्ट नही होने से सोनोग्राफी मशीन भी शो पीस बनी हुई है।


















