सरदारपुर। माछलिया घाट क्षेत्र में हुई डकैती के चर्चित मामले में माननीय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सरदारपुर ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी बालसिंह पिता वेसिंह, हमीश पिता फत्तु, संजय पिता पानसिंह निवासी बड़ा माछलिया तथा मोहन पिता अनसिंह निवासी डुंगलापानी, कालीदेवी को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1000-1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन अधिकारी पीएल मेड़ा ने बताया कि फरियादी मुकेश निवासी ग्राम केशोद, जिला जुनागढ़, गुजरात ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 20 मई 2025 को अपनी पत्नी, बेटी और दामाद के साथ ओंकारेश्वर दर्शन के लिए टवेरा वाहन से जा रहा था। 21 मई 2025 की रात लगभग 1:30 बजे माछलिया घाट के पहले पुल पर वाहन सड़क पर पड़े पत्थर से टकराकर बंद हो गया। वाहन के इंजन से तेल निकल जाने के कारण वे नीचे उतरकर जांच कर रहे थे, तभी करीब छह अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे। बदमाशों ने हथियारों के बल पर फरियादी परिवार से लूटपाट की। आरोपियों ने फरियादी की बेटी से सोने की चेन, कान की बाली, अंगूठी तथा पर्स से 35,000 रुपये नकद लूट लिए। वहीं पत्नी के हाथों से दो सोने के कंगन और कान की बालियां छीन लीं। इसके अलावा वाहन में रखे पांच बैग, जिनमें कपड़े, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी तथा मोबाइल फोन भी शामिल था, लूटकर ले गए। लूट के दौरान महिला और उसकी पुत्री को चोटें भी आईं। बदमाशों के पास चाकू एवं पत्थर थे।
प्रकरण में पुलिस द्वारा विवेचना पूर्ण कर आरोपी संजय, मोहन, बालसिंह एवं हमीश के विरुद्ध चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जबकि अन्य आरोपियों के विरुद्ध विवेचना जारी है। विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक बापूसिंह बिलवाल द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को न्यायालय ने प्रमाणित मानते हुए चारों आरोपियों को दोषी ठहराया और उपरोक्त सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की पैरवी मामले में शासन की ओर से प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक बापूसिंह बिलवाल द्वारा की गई।



















