सरदारपुर। तहसील में नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना के अंतर्गत शामिल 66 ग्रामों में लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने एवं रबी फसल से पूर्व किसानों को सिंचाई के लिए नर्मदा जल उपलब्ध कराने एवं सरदारपुर तहसील के सिंचाई तालाब में नर्मदा का पानी छोड़ने, धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर विधायक प्रताप ग्रेवाल एवं किसानों द्वारा बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव के नाम पर अनुविभागीय अधिकारी अजमेरसिंह गौड को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया है कि नर्मदा-झाबुआ-थांदला-पेटलावद-सरदारपुर माइक्रो सिंचाई परियोजना का कार्य वर्ष 2018 में प्रारंभ हुआ था तथा वर्ष 2022 तक इसे पूर्ण किया जाना निर्धारित था। निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी परियोजना के अनेक कार्य लंबित हैं। कई स्थानों पर पूर्ण किए गए कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी किसानों द्वारा शिकायतें सामने आ रही हैं।
वर्तमान में कम वर्षा के कारण रबी फसल की सिंचाई को लेकर किसानों के सामने संकट की स्थिति बन रही है। ऐसे में परियोजना के अंतर्गत निर्मित एवं उपलब्ध सिंचाई तालाबों को खाली रखने के बजाय टेस्टिंग के दौरान नर्मदा जल से भरकर उनकी उपयोगिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
विधायक ने मांग की कि सभी 66 गांवों में लंबित कार्यों की ग्रामवार समीक्षा कर समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए, गुणवत्ताविहीन एवं अधूरे कार्यों की तकनीकी जांच कर संबंधित ठेकेदार/एजेंसी से सुधार कार्य कराया जाए तथा रबी फसल की बुवाई एवं सिंचाई से पूर्व आवश्यक टेस्टिंग पूर्ण कर किसानों को नर्मदा जल उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही जहां पाइपलाइन, पंपिंग स्टेशन, वितरण लाइन, वाल्व, आउटलेट सहित अन्य तकनीकी कार्य अधूरे हैं, उन्हें प्राथमिकता से पूरा करने तथा परियोजना में देरी के कारणों की समीक्षा कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई।
विधायक ने कहा कि अल्प वर्षा की वर्तमान स्थिति को देखते हुए परियोजना के लंबित कार्यों को विशेष अभियान चलाकर रबी सीजन से पहले पूर्ण किया जाना आवश्यक है, ताकि सरदारपुर तहसील के किसानों को नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना का वास्तविक लाभ मिल सके। साथ अल्प वर्षा होने से सम्पूर्ण धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए। इस दौरान अनोखीलाल पाटीदार, रतनलाल पडियार, प्रभुलाल जाट, गोपाल डामर, राधेश्याम चौंधरी, आत्माराम सिंगार, सुयश वैष्णव, सुखराम मेडा, दरियावसिंह भूरिया, सोनू रघुवंशी, जितेंद्र सिंगार, संतोष भाबर, मयाराम मेडा, राधेश्याम जाट, श्रवण जाट आदि किसान एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।


















