राजगढ़। श्री महावीर स्थानक भवन में 8 सितंबर से पर्वाधिराज पर्युषण पर्व की आराधना श्रद्धा एवं भक्ति के साथ चल रही है। इस दौरान जिनशासन की आराधना, स्वाध्याय, तपस्या एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 15 सितंबर को संवत्सरी महापर्व श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया जाएगा।
पूज्य श्री धर्मदास जैन स्वाध्याय संघ, थांदला की ओर से स्वाध्याय बहन नीलम पगारिया, सुनीता चण्डालिया (धार) एवं पूजा कटारिया (इंदौर) द्वारा आठों दिनों तक राजगढ़ श्रीसंघ में धर्म आराधना एवं स्वाध्याय कराया जा रहा है। प्रतिदिन अंतगढ़ सूत्र का वाचन एवं अर्थ-विवेचन किया जा रहा है। श्रद्धालु उपवास, एकासन, आयंबिल एवं निवी सहित विभिन्न तपस्याओं के प्रत्याख्यान ले रहे हैं।
जन्म वाचन पर गूंजे जय महावीर के जयकारे –
12 सितंबर को भगवान महावीर स्वामी का जन्म वाचन धूमधाम एवं उत्साह के साथ मनाया गया। दोपहर 2 बजे स्वाध्याय बहनों द्वारा कल्पसूत्र का वाचन किया गया। जन्म वाचन के पश्चात श्रावक-श्राविकाओं ने “जय महावीर, जय महावीर” के जयकारे लगाए तथा प्रभावना वितरित की गई। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा सुंदर धार्मिक प्रस्तुति दी गई। सुरती खाबिया द्वारा धार्मिक प्रस्तुति दी गई। राहुल मूणत ने भगवान महावीर के जीवन पर प्रकाश डाला, वहीं सुशील जैन ने बच्चों को प्रभावना दी।
इसके पश्चात भव्य चल समारोह निकाला गया, जो चबूतरा चौक, जैन चौक, लाल दरवाजा, महात्मा गांधी मार्ग एवं चौपाटी होते हुए पुनः महावीर स्थानक भवन पहुंचा। स्थानक भवन में स्वाध्याय बहनों द्वारा मांगलिक श्रवण कराया गया तथा श्रावक-श्राविकाओं एवं बच्चों के केसरिया रंग के छापे लगाए गए।
धर्मसभा में संयम एवं नियंत्रण का संदेश –
पांचवें दिवस की धर्मसभा में स्वाध्याय बहन पूजा कटारिया ने अंतगढ़ सूत्र का वाचन कर भावार्थ एवं अर्थ-विवेचन समझाया। सुनीता चण्डालिया ने जीवन में नियंत्रण एवं संयम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आंखों में शर्म, मन पर नियंत्रण, जीभ पर नियंत्रण एवं जीवन में संयम को जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया।
स्वाध्याय नीलम पगारिया ने नवकार मंत्र की महिमा बताते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा एवं एकाग्रता के साथ नवकार मंत्र की आराधना आत्मिक शांति का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने पर्युषण पर्व को आत्मशुद्धि एवं आत्मकल्याण का पर्व बताते हुए प्रतिदिन सामायिक, तप, ध्यान एवं धर्म आराधना करने का आह्वान किया।
श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ का सुबह एवं शाम स्वामीवात्सल्य का आयोजन किया गया था। इसके लाभार्थी फूलचंद नखेत्रा परिवार, बाबूलाल मूणत परिवार, शेतनमल वागरेचा परिवार तथा संतोष एवं सुभाष चोरड़िया परिवार रहे। लाभार्थी परिवारों का श्रीसंघ की ओर से बहुमान किया गया। आज की निरंतर एकासन तपस्या विनोद डोसी एवं अनिल जी नखेत्रा द्वारा की गई। धर्मसभा में प्रश्न मंच, सुंदर स्तवन एवं अन्य धार्मिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
आज के अतिथि सत्कार का लाभ बाबूलाल मूणत परिवार तथा धर्मसभा की प्रभावना का लाभ राजेन्द्र एवं बाबूलाल वागरेचा ने लिया। उक्त जानकारी संघ के मीडिया प्रभारी हितेश वागरेचा ने दी।



















