सरदारपुर। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में लगातार देरी होने पर सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल ने मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव को पत्र लिखकर किसान हित मे शीघ्र ही निर्णय लेने की मांग रखी।
पत्र में विधायक ग्रेवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान समय में किसान गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। प्रदेश में गेहूं खरीदी की तारीख को बार-बार बदले जाने से किसानों की स्थिति और भी दयनीय हो गई है। पहले 16 मार्च, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल से खरीदी शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे किसानों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरी और, सहकारी समितियों एवं बैंकों में ऋण जमा करने की अंतिम तिथि 28 मार्च निर्धारित थी ऐसे में किसान अपनी उपज समय पर नहीं बेच पा रहे हैं और उनके सामने ऋण चुकाने का संकट खड़ा हो गया है। समय पर ऋण जमा न करने पर किसानों पर अतिरिक्त ब्याज का बोझ डाला जा रहा है। प्रदेश की मंडियो में गेंहू का भाव नही मिल रहा हैं। किसानो पर बैंक वसुली, बिजली बिल वसुली, शादी एवं बच्चो की फीस जमा करने जैसी कई जिम्मेदारियां है। वर्तमान स्थिति में किसानों की गेहूं की उपज तैयार है, लेकिन न तो मंडियां पूरी तरह चालू हैं और न ही सरकारी खरीदी शुरू हुई है। वर्तमान में पेट्रोल, डीजल एवं गैस की किल्लत से महंगाई में वृद्धि होने से किसान और आमजन परेशान है।
धार जिले मे 44913 किसानो द्वारा गेहूं उपार्जन का इंतजार किया जा रहा है। इन किसानो की गेहूं खरीदी नही होने पर आर्थिक दबाव एवं बैंक ऋण मे डिफाल्टर होने का खतरा फसल ऋण चुकाने की अंतिम दिनांक समाप्त होने के कारण बिना फसल बेचे किसान ऋण जमा नही कर पा रहे है। जिससे किसानो को डिफाल्टर घोषित होने का डर है।
प्रदेश के किसानो को गेहूं खरीदी में हो रही देरी के कारण किसानो को ओने पोने दाम पर फसल बेचना पड रही हैं जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा हैं। मंडियो में 1800 से 2100 रूपये प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीदी की जा रही है जबकि घोषित समर्थन मूल्य 2625 रूपये हैं। मंडियो के भाव एवं समर्थन मूल्य मे भारी अंतर हैं। इस अंतर को पूरा करने के लिए मंडियो में गेहूं की उपज बेचने वाले किसानो को भावांतर योजना का लाभ दिया जाए। उक्त जानकारी विधायक कार्यालय से विष्णु चौधरी द्वारा दी गई।


















