रिंगनोद में धूमधाम से संपन्न हुआ 11वां गणेशोत्सव: संत रविदास के 650वें प्रकटोत्सव और वंदेमातरम के 150वें वर्ष को समर्पित रहे विविध आयोजन

रिंगनोद। हिंदू उत्सव समिति के तत्वाधान में रिंगनोद में आयोजित 11वां गणेशोत्सव धार्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीयता के भाव के साथ हर्षोल्लासपूर्वक संपन्न हुआ। 14 सितंबर को शुभ मुहूर्त में ‘रिंगनोद के राजा’ श्री गणेश की विशाल प्रतिमा की स्थापना के साथ शुरू हुआ यह पर्व संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज के 650वें प्रकटोत्सव तथा वंदेमातरम के 150वें वर्ष के विशेष विषय पर आधारित रहा।
पूरे उत्सव के दौरान प्रतिदिन ग्राम के विभिन्न मोहल्लों से श्रद्धालु ढोल-धमाकों के साथ पंडाल पहुंचे। इस दौरान चिकित्सा, शिक्षा, प्रशासन, पुलिस, राजनीति, समाजसेवा से जुड़े महानुभावों एवं मातृशक्ति ने प्रतिदिन आरती में सहभागिता की।

व्याख्यानमाला एवं प्रदर्शनी – 17 सितंबर को मंगलम गार्डन में ‘संत शिरोमणि श्री रविदास जी: समरसता से राष्ट्रीय चेतना तक’ विषय पर व्याख्यानमाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेठ मंटूलाल पाटीदार (बड़ोदिया) ने की। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय समरसता सहसंयोजक श्री रविन्द्र किरकोले रहे तथा विशेष अतिथि जिला संघचालक बाबूलाल हामड उपस्थित थे। इसके पश्चात बस स्टैंड स्थित पंडाल में संत रविदास जी पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया।

प्रतिदिन हुए अभिषेक एवं देवझूलनी ग्यारस पर हुआ स्वागत – आचार्य पंडित गिरिराज व्यास के आचार्यत्व में श्रद्धालुओं द्वारा प्रतिदिन 108 गणेश प्रतिमाओं का गणेश अथर्वशीर्ष एवं सहस्त्रनाम से अभिषेक किया गया। देवझूलनी ग्यारस पर हिंदू उत्सव समिति ने शोभायात्रा में शामिल बजरंग दल अखाड़े एवं नेहरू व्यायाम शाला के प्रमुखों का साफा बांधकर स्वागत किया तथा मंदिरों की डोल-पालकियों पर पुष्प वर्षा की।

प्रतिभा सम्मान व भारत माता की आरती हुए – 23 सितंबर को आरएसएस विभाग कार्यवाह अरविंद चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष निलेश भारती एवं एसडीएम अजमेर सिंह गौड़ के आतिथ्य में कार्यक्रम आयोजित हुआ। भारत माता मोहल्ले से निकली मशाल जुलूस के बाद करीब 5 हजार ग्रामीणों की उपस्थिति में सामूहिक वंदेमातरम गान हुआ। इसके साथ ही क्षेत्र के सेवानिवृत्त सैनिकों और स्थानीय प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां स्कूली बच्चों व शिवशक्ति संगीत मंडल द्वारा दी गईं। कार्यक्रम का संचालन पिंकी वैष्णव व विभा जैन द्वारा किया।

हैरतअंगेज मलखंब और योग भी हुए – 24 सितंबर की संध्या आरती के बाद बजरंग दल अखाड़े की बालिकाओं द्वारा रोप मलखंब और योग के साहसिक व आकर्षक करतब प्रस्तुत किए गए, जिसकी उपस्थित जनसमुदाय ने भूरि-भूरि प्रशंसा की और पुरस्कार दिए।

महाआरती, 56 भोग व महाप्रसादी का हुआ आयोजन – अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को महाआरती के साथ सर्वसमाज के सहयोग से निर्मित 5100 शुद्ध देसी घी के लड्डुओं का भोग लगाया गया। साथ ही एक लाभार्थी परिवार द्वारा छप्पन भोग भी अर्पित किया गया। सहयोगियों का सम्मान और क्षेत्र की समृद्धि की कामना उत्सव के अंतिम दिन पूजा-अर्चना कराने वाले पंडित विष्णुदत्त पुराणि, अभिषेक कराने वाले पंडित गिरिराज व्यास, शिव शक्ति संगीत मंडल और परिसर की स्वच्छता व्यवस्था संभालने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया।

हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष मदन चोयल ने बताया कि ‘रिंगनोद के राजा’ के प्रति श्रद्धालुओं में अगाध श्रद्धा है, जहां पिछले 10 वर्षों से दूर-दराज से लोग श्रीफल रखकर मन्नत मांगते हैं। उत्सव के समापन पर रिंगनोद के सर्वसमाज के प्रमुखों ने क्षेत्र की समृद्धि, समरसता, उत्तम स्वास्थ्य और जन-कल्याण के लिए भगवान विघ्नहर्ता के चरणों में श्रीफल भेंट कर विशेष प्रार्थना की गई।

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