सरदारपुर। प्रदेश के किसानो की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल द्वारा गुरूवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव को पत्र लिखकर किसानो की खाद एवं फार्मर आईडी की समस्या का समाधान करने की मांग रखी। पत्र के माध्यम से बताया है कि वर्तमान मे सम्पूर्ण मध्यप्रदेश की सहकारी समितियों (सोसायटियों) और निजी केंद्रों से डीएपी और यूरिया खाद गायब हैं। फसलों की शुरुआती ग्रोथ और यूरिया की टॉप-ड्रेसिंग के समय खाद न मिलना सीधे तौर पर उत्पादन को प्रभावित करेगा। डीएपी की कमी का फायदा उठाकर सोसायटियों और निजी डीलरों द्वारा किसानों को एनपीके खाद लेने पर मजबूर किया जा रहा है।
वर्तमान फसल चक्र में मिट्टी को केवल नाइट्रोजन और फास्फोरस की जरूरत है, पोटैशियम की नहीं। डीएपी खाद का भाव 1350 एवं एनपीके 2450 रूपये है अनावश्यक/ एनपीके खरीदने से किसानों पर 1100 रूपये अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, किसानो को सोयाबीन मे डीएपी खाद की आवश्यकता है एनपीके जबरन थोपना जो कि सरासर गलत है। वही खाद वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए लागू की गई फार्मर आईडी पोर्टल व्यवस्था में इस समय भारी तकनीकी त्रुटियाँ (सर्वर डाउन होना, ओटीपी न आना, भूमि का विवरण न दिखना) आ रही हैं। इसके कारण वास्तविक किसानों की आईडी सत्यापित नहीं हो पा रही है और उन्हें खाद की पात्रता पर्ची या कूपन मिलने में कई-कई दिनों का विलंब हो रहा है।
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि राज्य के सभी प्रभावित जिलों में डीएपी और यूरिया खाद की रैक बढ़ाकर पर्याप्त आपूर्ति तुरंत सुनिश्चित की जाए। फार्मर आईडी से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को ठीक करने के लिए आईटी विभाग को तुरंत निर्देशित किया जाए और सर्वर डाउन होने की स्थिति में ऑफलाइन या वैकल्पिक सत्यापन के माध्यम से तुरंत खाद देने की व्यवस्था की जाए। उक्त जानकारी विधायक कार्यालय से विष्णु चौधरी द्वारा दी गई।

















