नरेंद्र पँवार @ दसाई। हमारे जीवन में यज्ञ हवन करने से वातावरण और वायु शुद्ध होती हैं वही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही सुख-समृद्धि और कामयाबी के द्वार अपने आप खुलने लगते है। हवन के ऐसे तो कई लाभ है मन को आत्मि शान्ति मिलती है। जहा भी हवन होता है वहा तो इसका लाभ मिलता है साथ ही दूर-दूर तक इसका प्रभाव रहता है। उक्त विचार बुधवार को अति प्राचीन मां जयंती दिव्य धाम में 21 कुण्डीय शिवशक्ति महायज्ञ एंव भगवान पशुपतिनाथ प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान प्रथम दिवस यज्ञाचार्य प. गजेन्द्र शर्मा ने कहें।
21 कुण्डीय शिवशक्ति महायज्ञ में प्रधान जमान का लाभ दिनेश नारायणमोतिवाले परिवार ने लिया । भगवान की प्रतिमा की स्थापना का लाभ भगवतीलाल मारु, कन्हैयालालजी ने लिया साथ ही नन्दीजी की स्थापना का लाभ रघुवीर सिह राठौर ने लिया।

अतिप्राचीन माॅ जयंती दिव्यधाम जयन्ति माता क्षेत्र का काफी प्रसिद्व स्थल है यहाॅ माताजी गुफा में विराजित है। माता के दर्शन करने के लिये लोग दूर-दूर से जाते है नवरात्रि मे तो दर्शन के लिये लम्बी भीड श्रद्वालुओ की रहती है। कलश रूप पानी की टंकी लोगो को अपनी ओर आर्कषित करती है वही जंगल में यह तीर्थ होने से लोगो का पर्यट स्थल बन गया है। वर्षा के समय कल-कल बहता झरना सभी के लिये आकर्षण का केन्द्र बिन्दु रहता हैं ।
यज्ञ के दौरान श्रद्वालुजन बडी संख्या में हवन कुण्ड के चारो ओर प्रतिक्रमा लगा रहे है। जिससे ऐसा लग रहा है कि मानो कोई मेला लगा हो। पं देवकीनन्दन शास्त्री कहते है कि यज्ञ स्थल पर प्ररिक्रमा करने से कई पापों का नस होता है। जहाॅ भी यज्ञ होता है पहले तो यज्ञ में बैठने का पूरा-पूरा प्रयास करे यह नही बननता तो यज्ञ की परिक्रमा अवष्य करे। 5 मई से 10 मई तक चलने वाले इस महायज्ञ की पूर्णाहुति 10 मई रविवार को होगी। इस अवसर पर महाआरती के साथ महाप्रसादी का आयोजन किया जावेगा ।


















