राजगढ़। त्रिदिवसीय गुरु समपर्ण महोत्सव के उपलक्ष्य में मालवा भूषण तप शिरोमणि आचार्य श्री नवरत्न सागर सूरीश्वर जी की 10 वी वार्षिक पुण्यतिथि नगर में बड़े श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर मालवा भर के गुरुभक्त बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन आचार्य श्री विश्वरत्न सागर सुरीश्वर जी म.सा. की निश्रा में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नवरत्न आराधना भवन से पालकी शोभा यात्रा निकाली गई। जिसे गुरुभक्तों ने अपने कंधों पर उठाते हुए गगनभेदी जयकारे लगाए। यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः नवरत्न भवन पहुँचकर गुरु गुणानुवाद सभा में परिवर्तित हुई।

आचार्य श्री विश्वरत्न सागर सूरीश्वर जी म.सा. ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुदेव श्री नवरत्न सुरीश्वर जी म.सा. अपने तप और त्याग से ही वे देशभर में जाने गए हैं। उन्हें आयंबिल तपस्या विशेष प्रिय रही हैं। गुरुदेव का जन्म राजगढ़ की पवित्र माटी पर हुआ है और छोटी ही उम्र उन्होंने वीतराग के पथ पर चल पढ़े थे। इस अवसर पर सकल श्रीसंघ के स्वामी वात्सल्य का आयोजन भी हुआ।


















