सकल हिंदू समाज के ‘धार जिला बंद’ का सरदारपुर, राजगढ़ व रिंगनोद में में दिखा व्यापक असर : व्यापारियों ने नहीं खोले प्रतिष्‍ठान, रैली निकालकर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

सरदारपुर। धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में कोर्ट के निर्देशों का पूर्णतः पालन कराने की मांग को लेकर मंगलवार को सकल हिंदू समाज द्वारा आहूत ‘धार जिला बंद’ का सरदारपुर, राजगढ़ व रिंगनोद में व्यापक असर देखने को मिला। यहां व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे।

सुबह से ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और व्यापारियों से शांतिपूर्ण ढंग से दुकानें बंद रखने का अनुरोध किया। आम जनता को असुविधा न हो, इसके लिए स्कूल, कॉलेज, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और स्वास्थ्य एवं आपातकालीन सेवाओं को बंद से पूरी तरह मुक्त रखा गया है, जिससे दैनिक जीवन पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।

आधे दिन के बंद के चलते सरदारपुर, राजगढ़ व रिंगनोद में दुकानें बंद रही। राजगढ़ में हिन्दू समाजजनों ने रैली निकालकर मैंन चौपाटी पर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौपा सरदारपुर में बस स्टैंड पर थाना प्रभारी व रिंगनोद में बस स्टैंड पर चौकी प्रभारी को ज्ञापन सौपा गया। यहां भी सकल हिन्दू समाज द्वारा रैली निकाली।

न्यायालय के आदेश का पालन सही स्वरूप में करवाने की रखी मांग
तीनो ही स्थानों पर सकल हिंदू समाज द्वारा सौपे गए ज्ञापन में बताया कि धार नगर में स्थित माँ सरस्वती की उपासना का मंदिर जो “भोजशाला” के नाम से विश्व विख्यात है। इस भवन के संबंध में मुस्लिम पक्ष के द्वारा एक याचिका प्रस्तुत की है जो एसएलपी क्रमांक 9310/2026 पर अंकित होकर विचाराधीन है। उक्त याचिका में मुस्लिम पक्ष ने अंतरिम आवेदन देकर मौके की वास्तविक स्थिति के विपरीत गूगल नक्शे में मनमाने तौर पर पीले रंग की लाईन से निशान बनाये और उस स्थान को भूमि सर्वे नंबर 596 बताया और उस स्थान पर नमाज करने हेतु अनुमति चाही, जिसमे सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा 30 जुलाई को सुनवाई करते हुए भूमि सर्वे नंबर 596 पर नमाज की वैकल्पिक व्यवस्था अंतरिम प्रकृति की करने हेतु शासन को कहा गया है।

इस प्रकार मुस्लिम पक्ष ने जानबुझकर सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष असत्य कथन करके भूमि सर्वे नंबर 596 पर भोजशाला परिसर के बाहर प्रति शुक्रवार दोपहर एक से तीन बजे के मध्य नमाज पढ़ने की अनुमति प्राप्त कर ली। उक्त आदेश के बाद प्रशासन को न्यायालय के आदेश के पालन में भूमि सर्वे नंबर 596 पर ही नमाज पढ़ने की व्यवस्था करना थी। किंतु प्रशासन के द्वारा मुस्लिम पक्ष के अवैध दबाव में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन न करते हुए सर्वे भूमि सर्वे नंबर 596 से अन्यत्र स्थान भूमि सर्वे नंबर 612 पर नमाज करवाने की व्यवस्था कर रहा है तथा सर्वे नंबर 596 पर नमाज नहीं करवा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत सर्वे नंबर 612 नमाज करवाने की व्यवस्था की जा रही है।


प्रशासन के द्वारा मुस्लिम पक्ष के अवैध दबाव में आकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन न कराते हुवे व हिन्दु पक्ष की सहमति के बिना मनमाने तौर पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की असत्य व्याख्या की जा रही है। प्रशासन के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में उल्लेखित सर्वे नम्बर के अतिरिक्त नवीन जगह पर नमाज कराने के पूर्व हिन्दु समाज को बिना विश्वास में लिये व बिना सहमति के नवीन व्यवस्था स्थापित की गई है जिसके कारण हिन्दु समाज की भावना आहत हुई है। हिन्दु समाज सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ नहीं है ना ही किसी वर्ग विशेष की आराधना के खिलाफ है परन्तु हिन्दु समाज नहीं चाहता कि पिछले 50-60 वर्षों के बाद जो धार शहर में शांति स्थापित हुई है वह भविष्य में पुनः बिगड़े। हिन्दु समाज चाहता है कि प्रशासन नवीन व्यवस्था के पूर्व हिन्दु समाज की भावनाओं को ध्यान रखते हुए उनकी सहमति अवश्य ले जिससे उच्चतम न्यायालय के आदेश का भी पालन हो व हिन्दु समाज की भावनाओं को भी सम्मान मिले। ज्ञापन के दौरान तीनो ही स्थानों पर बड़ी संख्या में सकल हिन्दू समाजजन मौजूद रहें।

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