सरदारपुर। “श्रीमान जी मैं राजेश सांकला आप से निवेदन करता हूँ अरुण दरोगा और सीएमओ इन्होंने मुझे परेशान कर रखा है। अतः मेरी मृत्यु का कारण यही है….” कुछ इस तरह की बातें लिखकर नगर परिषद सरदारपुर के कचरा वाहन चालक राजेश पिता नाथु ने आत्महत्या की है। पुलिस को जांच के दौरान दो सुसाइड नोट प्राप्त हुए हैं, जिसमें से एक नोट करीब साढ़े तीन माह पुराना भी है। दोनों सुसाइड नोट में मृतक ने अपने हस्ताक्षर भी किए हुए है। इधर घटना के बाद से ही परिवार सदमे में हैं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हैं, अब पूरे मामले की जांच में स्थानीय पुलिस टीम जुट गई है।

दरअसल धार सरदारपुर की पटेल कॉलोनी में रविवार को कर्मचारी राजेश उर्फ नाना पिता उम्र 50 साल ने फांसी लगा ली थी, परिवार दोपहर के समय से ही ग्राम राजोद पगड़ी कार्यक्रम में गया था। जहां से शाम को राजेश का बेटा पीयुष पुनः घर लौटा तो पिता को फंदे पर लटका था। सोमवार सुबह पीएम के पहले परिजनों ने हंगामा कर दिया, परिजन दरोगा सहित सरदारपुर सीएमओ पर कार्यवाही की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही एसडीएम आशा परमार, एसडीओपी विश्वादीप सिंह परिहार सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचे व आक्रोशित परिजनों से चर्चा की थी।
आराम करने की दी थी समझाइश –
पीयूष सांकला ने मीडिया को चर्चा में बताया कि मैं राजोद एक कार्यक्रम में गया था, जहां से लौटा तो देख पिता जी रस्सी पर लटके हुए थे, कई दिनों से उन्हें नगर परिषद द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था, वे घर आकर बताते थे कि दरोगा और सीएमओ परेशान कर रहे है। हमने संतुष्टि के लिए बोला भी था कि आप दो से चार दिन आराम करों फिर चले जाना। कुछ गलत कदम नहीं उठाने की समझाइश भी देते थे, वे कहते थे कि वो मुझे परेशान कर रहे। पहले भी परेशान किया था, तब सीएमओ से बात की थी, पापा को समझाइश दी थी, पहली पर्ची तब की हैं, तब सब कुछ शांत हो गया था। किंतु सीएमओ व दरोगा परेशान करने लगे थे, बगैर लेटर के फिल्टर प्लांट लगाया गया था, फिर लेटर देकर कचरा गाडी पर बुलाया। पापा ने उसका विरोध किया व कहा कि बार-बार इधर से उधर नहीं करें। इसी बात पर बहस हुई थी, काम को लेकर प्रेशर किया जा रहा था।

एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर दिया धरना –
अधिकारियों से चर्चा के दौरान परिजनों ने दरोगा अरुण गोखले व सीएमओ यशवंत शुक्ला के खिलाफ कार्यवाही करते हुए एफआईआर दर्ज की मांग करने लगे। जिंसके बाद परिजनों ने सरदारपुर-राजगढ़ मार्ग पर धरना दिया तथा अस्पताल से शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने हेतु मना कर दिया। परिजनों के अनुसार दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफतार किया जाए, क्योंकि राजेश स्वयं दो मर्तबा सुसाईड नोट में दोनों अधिकारियों द्वारा प्रताडित करने की बात लिख चुका है।
काफी मशक्कत के बाद सोमवार दोपहर में सरदारपुर एसडीएम आशा परमार, एसडीओपी विश्वदीपसिंह परिहार तथा तहसीलदार मुकेश बामनिया की शीघ्र और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन माने तथा धरना समाप्त किया। वही धरने के पश्चात परिजनों के सरदारपुर थाने पर टीआई रोहित कछावा द्वारा कथन लिए गए। धरना प्रदर्शन को देखते हुए अन्य थानों से भी पुलिस बल सरदारपुर पहुंचा था। इधर, नगर परिषद द्वारा मृतक के परिजनों को अंत्येष्टि हेतु 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
मृग कायम कर जांच में जुटी पुलिस –
एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार ने बताया कि मामले में मर्ग कायम किया है। मृतक कर्मचारी के पास से एक सुसाईड नोट मिला है। जिसे जप्त कर जांच में लिया हैं। इस पूरे मामले में सरदारपुर पुलिस तत्परता से जांच कर रही हैं, जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।


















