राजगढ़। नगर में सनातन धर्म के तेरह मंदिरों में आयोजित श्रीमद भागवत कथा महोत्सव के समापन अवसर पर सोमवार को श्रीचारभुजा युवा मंच द्वारा ऐतिहासिक धर्मयात्रा निकाली गई। यात्रा में अनेकों आकर्षण के केंद्र शामिल रहे। इस यात्रा को निहारने के लिए नगर समेत क्षेत्रभर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। श्रद्धालुओं को एक स्थान से यात्रा निहारने में करीब एक घंटे का वक्त लगा। जबकि यात्रा मार्ग में करीब आधे घंटे पहले से ही श्रद्धालु पलक पावड़े बिछाकर यात्रा का इंतजार करते नजर आए।

यात्रा दोपहर 12 बजे श्री माताजी मंदिर प्रांगण से प्रारंभ हुई। यात्रा के आगे-आगे घोड़े पर सवार युवागण भगवा ध्वज लहराते हुए चल रहे थे। वही सात बग्गियों में 13 मंदिरों के कथावचक विराजित होकर शहरवासियों को अभिवादन स्वीकारते नजर आए। प्रत्येक बग्गी के आगे ढोल, डीजे एवं बैंड पर श्रद्धालुओं जमकर थिरकते नजर आए। यात्रा में क्षत्रिय राजपूत समाज की महिलाएं एक समान साड़ी पहनकर शामिल हुई थी। यात्रा में श्रीचारभुजा युवा मंच के सदस्य एक समान वेषभूषा में लाल रंग की पगड़ी पहनकर चल रहे थे। जो आकर्षण का केंद्र बने रहे। करीब छह घंटे तक नगर भ्रमण के बाद यात्रा पुनः माताजी मंदिर पहुंची।

जहां श्रीचारभुजा युवा मंच द्वारा सभी कथापुराणियों का शाल श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। वही कलाकारों का भी सम्मान किया गया। वही यात्रा में सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल भी शामिल हुए। यात्रा का करीब 50 से अधिक मंचों, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा सम्मान किया गया। कई स्थानों पर यात्रियों के चाय, नाश्ते एवं स्वल्पाहार की भी व्यवस्था की गई थी।

यह रहे आकर्षण का केंद्र –
यात्रा में श्री लड्डू गोपालजी की पालकी, बाबा श्याम का दरबार, चिराग ग्रुप दिल्ली के कलाकारों द्वारा धार्मिक प्रस्तुति, चिंपाजी, श्री तिरूपति बालाजी की झांकी, श्रीनाथजी की झांकी, सात बैंड, शाही बग्गियां, राजस्थानी कच्छी घोड़ा, मां शक्ति ग्रुप बड़ौदा के कलाकारों द्वारा धार्मिक विधाओं पर आधारित प्रस्तुति, श्री पंचमुखी हनुमानजी, श्री नंदीजी, श्री विष्णुजी भगवान की झांकी रही। इसके अलावा यात्रा में बच्चों के लिए मनोरंजन के लिए मोटू-पतलु, राजा-रानी, पांडा आदि शामिल थे। उक्त जानकारी मंच मीडिया प्रभारी प्रभुसिंह राजपूत ने दी।


















