विनोद सीरवी @ धुलेट-राजगढ़। ग्राम धुलेट में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने किसानों के साथ सोमवार से इंदौर–अहमदाबाद फोरलेन के सर्विस रोड पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने में धुलेट सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। धरना स्थल पर समर्थन देने पहुंचे किसानों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया। इस दौरान महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष राकेश सोलंकी ने किसान हितैषी मांगे रखते हुए कहा कि कि गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2700 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। इसके अलावा सोसाइटी के ऋण जमा करने की अंतिम तिथि 31 अप्रैल तक बढ़ाने की मांग भी की गई। इसके साथ ही दत्तीगांव से धुलेट के बीच खरमोर अभयारण्य के अंतर्गत नेशनल हाईवे पर किसानों के खेतों के सामने बनाई गई टीन की दीवार हटाए जाए तथा महावीर जलाशय के वेस्टवेयर नाले पर पुलिया निर्माण की जाए। साथ ही धार जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सोनोग्राफी मशीन चालू करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई।
अधिकारी पहुंचे धरना स्थल पर-
धरना प्रदर्शन की सूचना मिलने पर राजगढ़ थाने का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वहीं नायब तहसीलदार केएस वास्केल, वन विभाग के रेंजर डॉ. शैलेंद्र सोलंकी तथा एनएचआई के अधिकारी भी किसानों से चर्चा करने पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से मांगों को लेकर आवेदन देने की बात कही, लेकिन किसानों ने इससे इनकार कर दिया। किसानों का कहना था कि वे पहले भी कई बार अपनी समस्याओं को लेकर आवेदन दे चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है। इस रेंजर डॉ. सोलंकी ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे किसानों की समस्याओं का प्रस्ताव बनाकर आगे भेज देंगे और समाधान के लिए समय देने का आग्रह किया। हालांकि किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों की आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। किसानों का कहना है कि आने वाले दिनों में आसपास के जिलों के किसान भी उनके समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचेंगे।

फसल बिकेगी तब ही होगा ऋण अदा–
धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि जब तक फसल नहीं बिकेगी तब तक समिति से लिया गया ऋण कैसे अदा करेंगे। सरकार 1 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू करने जा रही है, जबकि 28 मार्च को ऋण जमा करने की अंतिम तिथि है। वर्तमान में फसल कटाई का समय चल रहा है और किसानों को मजदूरों के साथ हार्वेस्टर व थ्रेशर का भुगतान भी करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समर्थन मूल्य की खरीदी अभी से शुरू हो जाती तो किसानों के पास भुगतान करने के लिए पर्याप्त पैसा होता। धरना स्थल पर यूनियन के जिला अध्यक्ष राकेश सोलंकी, मोहनलाल जमादारी, दामोदर हामड, वर्दीबाई चौधरी, गेंदालाल काग, अमरसिंह चौधरी, जीवन पाटीदार, कन्हैयालाल धामनिया, हरिराम परवार, रामलाल पडियार, हरि भायल, गोमालाल काग, भरत हामड, आशीष लछेटा, रमेश मेड़ा, लक्षण चोयल, कन्हैयालाल, आनंद मालवीय, मांगीलाल, दामोदर, प्रेंसिंग ठाकुर, मगन चौहान, लखन सिंदडा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


















