रिंगनोद। ताराघाटी में पिछले दिनों हुई सनसनीखेज लूट की वारदात को सुलझाने में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से लूटी गई राशि में से 1.61 लाख रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है। रविवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल बेलापुरकर ने प्रेसवार्ता के दौरान इस पूरे मामले का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुँचने में सफलता प्राप्त की है।
क्या थी पूरी घटना –
यह वारदात 5 मई को घटित हुई थी। ग्राम चामझर के निवासी पप्पू अनारे अपनी पत्नी के साथ रिंगनोद से चांदी गिरवी रखकर 2.70 लाख रुपए लेकर लौट रहे थे। जब वे टांडा रोड स्थित वन चौकी के पास पहुंचे, तभी पीछे से आए बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक कर रोका। बदमाशों ने दंपति को धक्का देकर गिरा दिया और रुपयों से भरा बैग छीनकर जंगल के रास्ते फरार हो गए थे। वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी विश्वदीप सिह परिहार के मार्गदर्शन में सरदारपुर थाना प्रभारी अनिल कुमार जाधव और रिंगनोद चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक गुलाबसिंह भयड़िया के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से तकनीकी और वैज्ञानिक जांच की। एक दिन पूर्व सटीक सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर गोकुल पिता हरिसिंह, निवासी नयापुरा भीलखेड़ी और मुकाम पिता धनसिंह, निवासी कालीदेवी को हिरासत में लिया। सघन पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। दिनदहाड़े हुई इस लूट का चंद दिनों में खुलासा करने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने सरदारपुर पुलिस और साइबर टीम की कार्यप्रणाली की सराहना की है। आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।
बाइक व नगदी बरामद –
एएसपी बेलापुरकर ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि घटना के दौरान बदमाश दो अलग-अलग टोलियों में मौके पर पहुंचे थे और घेराबंदी कर लूट को अंजाम दिया था। लूटी गई रकम का बाद में आपस में बंटवारा कर लिया गया था। गिरफ्तार आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त एक बाइक और 1 लाख 1 हजार रुपए नकद बरामद किए गए। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 1 लाख 61 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में शामिल चार अन्य बदमाश अभी भी फरार हैं।
उक्त कार्रवाई में रिंगनोद चौकी के एएसआई जितेंद्र नरवरिया, प्रधान आरक्षक मेहरसिंह बड़ोले, आरक्षक शिवजी श्रीवास्तव, राहुल मंडलोई, मुनसिह मईडा, दिनेश सोलंकी व अनिल तथा टांडा थाना प्रभारी संजय रावत की टीम व साइबर सेल धार के प्रशांत सिंह व उनकी टीम तथा डहरी चौकी प्रभारी भूपेंद्र खरतिया का योगदान रहा।

















