सरदारपुर। सरकार द्वारा सड़क, सिंचाई और भवन निर्माण विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों के 16810 पद, आकस्मिकता निधि अंतर्गत आने वाले सबसे ज्यादा 55808 पद, संविदा कोटवार श्रेणीे के 34497 पदों को सामान्य प्रशासन विभाग डाइंग कैडर घोषित कर कुल 1 लाख 20 हजार 710 पदो को खत्म करने पर सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल द्वारा मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव को पत्र लिखकर आदेश वापस लेने की मांग रखी हैं।
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि धार जिले में सबसे ज्यादा कार्यभारित के 177, आकस्मिकता के 1896, कोटवार के 9000 सहित लगभग 11073 पदो को समाप्त किया जा रहा है। जबकि धार जिले मे 72580 जीवित बेरोजगार है गरीबो से रोजगार छिनने का नया तरीका सरकार ने निकाला है। आर्थिक संतुलन बनाने के लिये 1.20 लाख उपरोक्त तीनो पदो को खत्म करने से सामाजिक अधिनियम (सोशल इंजीनियरिंग) छिन्न भिन्न हो जायेगा, आर्थिक असमानता बढ जाने से कानून व्यवस्था की चुनौती बढ जायेगी।
विधायक ग्रेवाल ने पत्र मे यह भी बताया है कि उपरोक्त तीनो ही श्रेणी के 1.20 लाख पदो पर कार्यरत निम्न और अति निम्न वर्ग के है उन पदो पर मासिक खर्च लगभग 180 करोड़ प्रतिमाह तथा 2000 करोड़ प्रतिवर्ष होता है यदि सारे पदों पर कार्यरत हो। जबकि पिछले 10 वर्ष का अध्ययन करें तथा हाल ही में जारी आर्थिक सांख्यिकी विभाग की रिपोर्ट देखे तो लगभग 40 से 60 प्रतिशत पद पर ही कार्यरत है इस में पदों पर वार्षिक व्यय 1000 करोड़ से भी कम होता है इन पदों को खत्म करने से मात्र 1000 करोड़ की बचत संभावित है जबकि कई मदो में इससे कई गुना ज्यादा अनावश्यक खर्च कर उच्च आय वर्ग की सीधी सहायता कर रहे हैं।
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने प्रदेश के कर्मचारियो के हित मे प्रदेश मे कार्यभारित, संविदा, कोटवार पद तथा आकस्मिकता निधी के 1.20 लाख पदों को खत्म करने के फैसले को वापस लेकर नए पद सृजित करने की मांग की। उक्त जानकारी विधायक कार्यालय से विष्णु चौधरी द्वारा दी गईं।


















