राजगढ़। मोहनखेड़ा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग धार के समस्त अधिकारीयो एवं कर्मचारीयो की संघठन स्तरीय संयुक्त बैठक संपन्न हुई।
दरअलस विगत दिनों प्रदेश स्तर पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक मैं नीतिगत मामलों को लेकर एजेंडेवार बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग के ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत अमले को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय क्षेत्र में कार्यरत अमले को नगरीय एवं आवास विभाग में विलय/प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने संबंधी चर्चा की गई थी। जिसकी खबरे भी प्रमुख समाचार पत्रों मैदिनांक 16 मई को प्रकाशित हुई थी। इसको लेकर शासन स्तर पर तैयारी चालू हो चुकी है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के संयुक्त कर्मचारी अधिकारी संगठन द्वारा विभाग को अन्य विभाग में विलेय/प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने संबंधी प्रस्ताव पर पुनर्विचार किए जाने हेतु उक्त बैठक संपन्न हुई।
बैठक में मुख्य रूप से तय हुआ की संगठन का विस्तार कर आगामी दिनों में प्रदेश स्तरीय संगठन के पदाधिकारियों द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं पीएचई विभाग मंत्री संपतिया उइके से भेंट कर विभाग को विलय/प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने संबंधी प्रस्ताव को रोकने हेतु निवेदन किया जाएगा।

बैठक में पी एच ई विभाग के अमले द्वारा इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि जो विभाग विगत कई वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों पेयजल व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित कर रहा है उस विभाग के समस्त कर्मचारियों/अधिकारियों को अन्य विभाग में अचानक विलय /प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने पर कर्मचारियों/अधिकारियों के हित प्रभावित होने से रोष व्याप्त है। पूर्व में भी वर्ष 1996-1997 में विभाग के कर्मचारियों/अधिकारियों को ग्रामीण विकास विभाग में प्रतिनियुक्ति पर भेजकर ग्रामीण क्षेत्रों मैं स्थापित हैंडपंपों का संधारण कार्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधीन ग्राम पंचायतों को सौपा गया था, जिसके गंभीर परिणाम सामने आए थे तथा ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा था।
वही बैठक में यह भी तय हुआ कि विभाग के कर्मचारियों/अधिकारियों को ग्रामीण विकास विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग में विलय/प्रतिनियुक्ति संबंधी प्रस्ताव पर पुनर्विचार नहीं किए जाने की स्थिति में आगामी दिनों में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा चरणबद्ध आंदोलन कर प्रदेश स्तरीय विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।


















