रिंगनोद। आदिवासी अंचल में इन दिनों भगोरिया का उल्लास अपने चरम पर हैं। गुरुवार को रिंगनोद के भगोरिया में आदिवासी पंरपरा का अनूठा संगम दिखा। पारंपरिक वेशभूषा व चांदी गहनों में सज-धजकर पहुंची युवतियां मांदल की थाप पर जमकर थिरकती हुई नजर आई। वही युवा वर्ग भी मांदल की थाप व बांसुरी की धुन पर नाचते झूमते दिखे। सुदूर ग्रामो से अपने मांदल को श्रृंगारित कर पहुंचे आदिवासी समाजजनो ने आदिवासी संस्कृति को जीवंत कर दिया। भगोरिया में खान- पान की दुकानों के साथ ही महिलाओं की श्रृंगार की दुकान पर भी भीड़ दिखी।

80 मांदल दल हुए शामिल, हुआ सम्मान –
दोपहर बाद सभी मांदल दल एक के बाद एक गांव में भ्रमण करने हेतु निकले। जिनके साथ आदिवासी समाजजन नाचते-झूमते हुए चल रहे थे। रिंगनोद के भगोरिया में करीब 80 मांदल दल शामिल हुए। जिनका पूर्व विधायक वेलसिंह भुरिया, विधायक प्रताप ग्रेवाल की और से उनके पुत्र शिवांग ग्रेवाल, ग्राम पंचायत, सहित विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संस्थाओं द्वारा स्वागत-सम्मान किया गया।

पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान –
भगोरिया में पुलिस द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में एएसपी पारुल बेलापुरकर व एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार ने शामिल होकर नशा मुक्ति और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संकल्प दिलवाया। इसी के साथ ही महिला सुरक्षा, सायबर अपराध, यातायात नियमो व नशामुक्ति को लेकर जागरूकता अभियान चलाते हुए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। वही मांदल दलों के मांदल पर जागरूकता के बैनर भी लगाए गए। वही भगोरिया में शांति व्यवस्था कायम रखने हेतु सरदारपुर थाना प्रभारी अनिल जाधव व रिंगनोद चौकी प्रभारी जीएस भयडिया पुलिसबल के साथ तैनात रहे।




















