रिंगनोद। अनंत काल से मानव जीवन में भटकाव के चलते संसार के अनेक भव की यात्राएं करते हैं, लेकिन अंनत काल के भटकाव के बाद भी गुरु ही एक ऐसी शक्ति है। जिनके मार्गदर्शन में व्यक्ति फिर से मोक्ष की यात्रा कर सकता है। उक्त प्रेरक उद्बोधन दादा गुरुदेव के अष्टम पटद्दर गच्छाधिपति आचार्य श्री नित्यसेन सुरिश्वर जी महाराज साहब ने रिंगनोद में जैन धर्मशाला में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कही।
रिंगनोद में शुक्रवार को आचार्य श्री नित्यसेन सुरिश्वर जी महाराज साहब का साधु मंडल, साध्वी श्री अविचल दृष्टा श्रीजी तथा साध्वी मंडल के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। प्रातः रिंगनोद में आचार्य श्री के प्रवेश अवसर पर समाज जनों द्वारा भव्य अगवानी की। जिंसके बाद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण से विशाल शोभायात्रा रिंगनोद में निकाली गई। जगह-जगह आचार्य श्री को वंदन अभिनंदन कर गहुली कर उनका स्वागत किया।

नगर भ्रमण के पश्चात आचार्यश्री ने श्री चंद्रप्रभु जैन मंदिर में दर्शन वंदन किए। आचार्य श्री ने जैन धर्मशाला में समाज जनों को संबोधित किया। उन्होंने उपस्थित चतुर्विधी संघ को बताया की चाहे आप के कितने ही दुश्मन हो लेकिन आप यदि किसी के दुश्मन नहीं है तो आपको मोक्ष मार्ग अवश्य खुल सकता है। क्योंकि मानव जीवन में कई भ्रामक व्यवस्थाएं एवं क्रम चलता रहता है।
आचार्य श्री के मंगलाचरण से धर्म सभा का शुभारंभ किया। वही जैन बहु मंडल द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया तथा अदवेत पंवार एवं चिराग भंसाली ने भी धर्म सभा को संबोधित किया। धर्मसभा में संचालन अशीष पंवार ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में गुरुभक्त मौजूद रहे।


















