बामनिया पंचायत भवन का इंतज़ार खत्म कब होगा? 70 वर्षों से विकास की राह देख रहा गांव

बामनिया (झाबुआ)। ग्राम पंचायत बामनिया की स्थापना वर्ष 1956 में हुई थी। समय के साथ पंचायत नगर परिषद बनी और फिर दोबारा ग्राम पंचायत का दर्जा मिला, लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी गांव को एक आधुनिक और सुविधायुक्त पंचायत भवन नहीं मिल पाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन गांव के प्रशासन और विकास की रीढ़ होता है। यहां से सरकारी योजनाओं का संचालन, जनसुनवाई और विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार होती है। इसके बावजूद जर्जर भवन में पंचायत का संचालन होना चिंता का विषय बना हुआ है।

ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से पंचायत भवन निर्माण के वादे किए जाते रहे, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में निराशा और असंतोष का माहौल है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बामनिया पंचायत भवन निर्माण के लिए जल्द बजट स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि गांव को उसकी मूलभूत सुविधा मिल सके।

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