राजगढ़। नगर में भगवान हनुमान जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरे दिन विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ ही भंडारे भी हुए।
नगर के दलपुरा में स्थित वाटर वर्क्स स्थित हनुमानजी मंदिर (बाबाजी का कुआं) पर आयोजित त्रि-दिवसीय प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन गुरुवार को अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। समापन अवसर पर आयोजित नगर चौरासी में करीब 8 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर प्रसादी ग्रहण की, जो सामाजिक एकता और समरसता का अद्भुत उदाहरण बना। महोत्सव के अंतिम दिन सुबह कलश स्थापना और ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसके साथ ही अखंड रामायण पाठ की पूर्णाहुति संपन्न हुई। तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में समिति द्वारा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी रही। गुरुवार को राम दरबार की प्रतिष्ठा के साथ पंचकुंडीय यज्ञ का विधिवत समापन हुआ।
लाभार्थी परिवार द्वारा कलश स्थापना और ध्वजारोहण का लाभ प्राप्त किया गया। इससे पूर्व बुधवार शाम को आयोजित संगीतमय सुंदरकांड पाठ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भक्ति रस में सराबोर हो गए। संपूर्ण महोत्सव यज्ञाचार्य पं. शंकर शर्मा रिंगनोद के सान्निध्य में वैदिक विधि-विधान से संपन्न हुआ।

समिति के अजय जायसवाल ने बताया कि नगर में वर्षों से सामाजिक समरसता की प्रतीक नगर चौरासी की परंपरा निरंतर निभाई जा रही है। अब तक लगभग 30 बार आयोजित इस परंपरा में हर बार सर्वसमाज के लोग एक साथ जाजम पर बैठकर भोजन करते हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस महोत्सव के समापन दिवस पर अखंड रामायण पाठ की पूर्णाहुति, छप्पन भोग, महाआरती, ध्वज एवं कलश स्थापना के पश्चात नगर चौरासी का भव्य आयोजन किया गया, जिसने पूरे शहर को भक्ति और एकता के सूत्र में पिरो दिया।
यहां भी हुए आयोजन –
इधर नगर के दारा नरखेड़ा हनुमान मंदिर पर भी हनुमान जन्मोत्सव पर विशेष आयोजन हुए। यहां आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। इसी तरह पिपरनी मार्ग स्थित खेड़ापति हनुमानजी मंदिर पर भी हनुमान जन्मोत्सव पर भंडारे के साथ ही विभिन्न आयोजन हुए। वही नगर के झिरिवाले हनुमान मंदिर, करंट वाले हनुमान मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में विशेष अभिषेक, पूजन, हवन व महाआरती का आयोजन हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।


















