राजगढ़। नशामुक्ति अभियान के तहत धार पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता मिली है। जिले की सरदारपुर तहसील के राजगढ़ थाना पुलिस ने धार-झाबुआ सीमावर्ती क्षेत्र के ग्राम चौबारा के दुर्गम वन क्षेत्र में चल रही अवैध गांजे की खेती का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से 3,345 गांजे के पौधे जब्त किए हैं, जिनका कुल वजन 3,695 किलोग्राम (लगभग 37 क्विंटल) है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 43 लाख रुपये आंकी गई है। थाने पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एएसपी पारुल बेलापुरकर ने कार्यवाही की पूरी जानकारी दी। एसपी सचिन शर्मा के निर्देशन में उक्त कार्यवाही की गई।
दरअसल पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश कैलाश मकवाना के निर्देशन में संचालित नशामुक्ति अभियान के तहत मादक पदार्थों की अवैध खेती एवं तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। एएसपी बेलापुरकर ने बताया कि पुलिस टीम को ग्राम चौबारा के जंगलों में अवैध गांजे की खेती होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने धार-झाबुआ सीमावर्ती वन क्षेत्र में लगातार दो दिनों तक दिन-रात सर्चिंग अभियान चलाया। एएसपी बेलापुरकर के अनुसार पहाड़ी और दुर्गम इलाका होने तथा कपास व तुवर की फसलों के बीच गांजे के पौधे छिपाकर उगाए जाने के कारण पुलिस को शुरुआत में वहां तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इनमें से कुछ पौधे तो आठ फीट तक ऊंचे हो चुके थे। ऐसे में दुर्गम रास्तों और पौधों के बीच छिपे ठिकाने का पता लगाने के लिए पुलिस ने ड्रोन की मदद ली, जिससे सटीक लोकेशन का खुलासा हुआ। पौधों को काटने और उनकी गिनती करने में पुलिस को पूरे दो दिन लग गए।

ड्रोन से तलाश, पौधों की गिनती में लगे दो दिन –
थाना प्रभारी समीर पाटीदार के अनुसार इस अवैध खेती के मामले में मुख्य आरोपी राजू पिता डूंगर सिंह भूरिया के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने वन क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर अतिक्रमण किया और कपास-तुवर की फसल के बीच गांजा उगाया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस अवैध कारोबार में आरोपी के अन्य रिश्तेदार, संभावित सहयोगी या कोई बड़ा नेटवर्क तो जुड़ा हुआ नहीं है। मामले में संलिप्त अन्य लोगों पर भी जल्द शिकंजा कसा जाएगा। रास्तों की कठिनाई और घनी फसल के कारण पुलिस ने ड्रोन की मदद से क्षेत्र की निगरानी की। पौधों को काटने और उनकी गिनती करने में भी पुलिस टीम को दो दिन लगे।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी समीर पाटीदार, उप निरीक्षक निहाल सिंह दंडोतिया, चौकी प्रभारी तिरला, सहायक उप निरीक्षक जितेंद्र सांखला व सैयद अहमद, प्रधान आरक्षक विपिन कटारा व रामकरण चौहान, आरक्षक अंकित रघुवंशी, राकेश बघेल, दिलीप डुडवे, राकेश सिंगार व जयेंद्र जादौन, तथा सैनिक रतन डिंडोर व जगदीश कच्छावा शामिल रहे।

















