कथा वाचक श्री भारद्वाज ने कहा – भगवान श्रीराम का वनवास त्याग, मर्यादा और कर्तव्यपालन का अद्भुत उदाहरण
राजगढ़। नगर के मार्केटिंग सोसाइटी मैदान में श्री महावीर हनुमान गौशाला मंदिर ट्रस्ट एवं संत रविदास समाज ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा का भव्य आयोजन श्रद्धा और भक्ति के जारी है। सोमवार को कथा का आठवां दिवस रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का भावपूर्ण श्रवण किया। वही सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल भी सोमवार को कथा श्रवण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने तन्मयता के साथ श्रीराम कथा का श्रवण किया व आरती में भी शामिल रहें।
कथा प्रतिदिन दोपहर 12:30 बजे से सायंकाल 5:00 बजे तक आयोजित की जा रही है और पूरा पांडाल राम नाम के जयघोष से गुंजायमान बना हुआ है। कथा वाचक ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम भारद्वाज द्वारा रामायण के प्रसंगों वर्णन किया जा रहा है। आठवें दिन उन्होंने कथा के माध्यम से जीवन से जुड़े संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचाए। उन्होंने कहा कि मनुष्य का मन अत्यंत चंचल होता है और इसे पद-प्रतिष्ठा या भौतिक साधनों से नियंत्रित नहीं किया जा सकता। मन को स्थिर करने का सबसे प्रभावी माध्यम कथा और सत्संग है, जो केवल उपदेश नहीं बल्कि आत्मा के शुद्धिकरण की औषधि है और व्यक्ति को सही दिशा प्रदान करता है।

कथा के दौरान उन्होंने राजा दशरथ और माता कैकई के प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जीवन में दिए गए वचनों का कितना गहरा प्रभाव पड़ता है। भगवान श्रीराम का वनवास प्रसंग त्याग, मर्यादा और कर्तव्यपालन का अद्भुत उदाहरण है, जहां वे बिना किसी मोह के सब कुछ छोड़कर धर्म के मार्ग पर अग्रसर हुए।
श्री भारद्वाज ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे नाव को केवट दिशा देता है और उसी के अनुसार नाव आगे बढ़ती है, वैसे ही जीवन की दिशा भी सत्संग से निर्धारित होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में सत्संग को अपनाएं, जिससे सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित हो सके।
श्री भारद्वाज ने यह भी कहा कि क्रोध और आवेश में लिया गया निर्णय अक्सर गलत साबित होता है, वहीं अत्यधिक प्रसन्नता में दिया गया वचन भी कई बार व्यक्ति को कठिनाई में डाल देता है। इसलिए हर परिस्थिति में संयम और विवेक बनाए रखना आवश्यक है।
कथा के पश्चात प्रतिदिन आरती की जा रही है और महाप्रसाद का वितरण किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। 4 मई से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा का विश्राम मंगलवार को होगा। इसके उपरांत 13 मई को सर्व समाज का निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पूरे आयोजन के दौरान समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं।


















