सरदारपुर। स्थानीय सिविल न्यायालय परिसर में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रथम जिला न्यायाधीश हेमंत यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया।
इस अवसर पर व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड उर्मिला खेड़ेकर, कमला गौतम, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड रूही एजाज मेव, अभिभाषक संघ अध्यक्ष कमल किशोर वैष्णव, पूर्व अध्यक्ष बी.जे. उपाध्याय, सचिव दिलीप सिंह भदौरिया, शबाना खान राठी, के.सी. टाक, अंकित कच्छावा, भूपेंद्र जोशी, प्रवीण शर्मा, नाजीर जगदीश किरार सहित न्यायालयीन कर्मचारी, बिजली विभाग व बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों की खंडपीठों द्वारा आपसी सुलह-समझौते के आधार पर प्रकरणों का निराकरण किया गया। लोक अदालत में प्रथम जिला न्यायाधीश हेमंत यादव की अदालत में प्रिलिटिगेशन के 125 प्रकरणों में 10.93 लाख रुपये की वसूली, न्यायालय में विचाराधीन 11 प्रकरणों में 4,70,108 रुपये की वसूली। मोटर दुर्घटना दावा (एक्सीडेंट क्लेम) के 20 प्रकरणों में 1.66 करोड़ रुपये से अधिक का अवार्ड पारित। अन्य वसूली के 4 प्रकरणों में 17,31,344 रुपयेकी वसूली। इस प्रकार कुल 160 प्रकरणों का निराकरण हुआ।
वही व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड कमला गौतम की अदालत में बैंक रिकवरी के 41 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों में 66,42,820 रुपये की वसूली, चेक बाउंस के 3 प्रकरणों में 4,67,781 रुपये का निराकरण, नगर परिषद/नगर पालिका के 139 प्रकरणों में 4.24 लाख रुपये की वसूली, इस प्रकार कुल 183 प्रकरणों में करीब 75.34 रुपये लाख की वसूली दर्ज की गई।
वही व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ खंड) उर्मिला खेड़ेकर की अदालत में कुल 31 प्रकरणों का आपसी सहमति से निपटारा हुआ। जिसमे व्यवहार न्यायाधीश (कनिष्ठ खंड) रूही एजाज मेव की अदालत में कुल 35 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को वर्षों से लंबित विवादों से मुक्ति मिली और आपसी सौहार्द के साथ करोड़ों रुपये के दावों व वसूली का निपटारा हुआ।



















