सरदारपुर। अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह राठौड़ के साथ सरदारपुर में हुई मारपीट की घटना के विरोध में सोमवार को राष्ट्रीय अधिवक्ता मंच द्वारा सरदारपुर में एसडीओपी कार्यालय पर ज्ञापन सौपा।
ज्ञापन में मंच द्वारा बताया कि सरदारपुर न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ता विरेन्द्रसिंह राठौर 13 फरवरी को शाम के समय सरदारपुर में बस स्टैंड पर खरीदी कर अपने चार पहिया वाहन से निकलने हेतु वाहन को आगे बडाते ही दो बच्चो के द्वारा अचानक से वाहन के सामने आ जाने पर हल्की फुल्की चोट लगने पर अधिवक्ता विरेन्द्रसिंह के द्वारा अपने वाहन को बंद कर घायल बच्चो को हास्पीटल ले जाने के लिये वाहन से उतर कर बच्चो को उठा ही रहे थे। तभी अचानक असमाजिक तत्वो के द्वारा अधिवक्ता पर हमलाकर मारपीट करनें लगे तथा अधिवक्ता विरेन्द्रसिंह के वाहन में तोड फोड कर रंगदारी करते हुए रूपयो की मांग करने लगे।
अधिवक्ता विरेन्द्रसिंह के शर्ट के जेब में रखे रूपये निकाल लिए और मारपीट करने पर उनके सर पर, आंखो पर सहित सीने आदि पर चोट पहुंचाई है। वही सरदारपुर थाने पर घटना के बाद घटना के संबंध में रिपोर्ट दर्ज करने का कहा तो पुलिस थाना सरदारपुर के द्वारा एफआईआर दर्ज नही की गई। जिसके बाद आहत अधिवक्ता विरेन्द्रसिंह 14 फरवरी को थाना सरदारपुर पहुंचे जहा पर अधिवक्ता संघ के लगभग 50-60 अधिवक्ताओ मौजूदगी होते हुए भी करीब 4 घण्टे तक आहत अधिवक्ता के साथ हुई घटना की पूर्ण जानकारी दिए जाने के बावजुद भी अधिवक्ता के कहे अनुसार असामाजिक व्यक्तियो के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
ज्ञापन में बताया कि पुलिस थाना सरदारपुर के द्वारा असमाजिक व्यक्तियो के विरूद्ध जो रिपोर्ट दर्ज की गई है उसमें रंगदारी या आहत अधिवक्ता के जेब से निकाले गये रूपयो का कोई उल्लेख नही किया व इस संबंध में कोई धारा भी नही लगायी गई है। ज्ञापन में असमाजिक व्यक्तियो के विरूद्ध रंगदारी एवं जेब से निकाले गये रूपयो के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये रिपोर्ट में धारा बढ़ाए जाने की मांग की गई।
ज्ञापन का वाचन राष्ट्रीय अधिवक्ता मंच के तहसील अध्यक्ष नितिन शर्मा ने किया। इस दौरान मंच के सचिव झमकलाल चौधरी, सह सचिव अनिल भूरिया, कोषाध्यक्ष गौकुल धाकड़, प्रवक्ता राहुल सोलंकी, सचिन बैरागी, दिलीप वसुनिया, मनोज काग, आदित्य जोशी, अरविंद जाट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहें।


















