सरदारपुर। सिविल हॉस्पिटल के मुख्यद्वार पर आशा, उषा, आशा पर्यवेक्षकों के अनिश्चितकालीन हड़ताल के छटे दिन धरना प्रदर्शन करते हुए नारीशक्ति नारेबाजी करते हुए दिखाई दी।
दरअसल आशा, उषा, आशा पर्यवेक्षक के लंबित वेतन एवं प्रोत्साहन राशि की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ता, उषा आशा, आशा सुपरवाइजरो की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को छटे दिन भी जारी रही। विगत महा से भुगतान नहीं होने से आर्थिक संकट के चलते आंदोलन किया जा रहा है। धरने के दौरान नारेबाजी कर आक्रोश व्यक्त किया गया।
इंदौर संभागीय अध्यक्ष शंकर मारू ने बताया कि अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर दिखाई देने लगा। क्षेत्र में होने वाले हेडकाउंट सर्वे, बच्चों का टीकाकरण, गर्भवती नियमित जांच, हाई रिस्क प्रेगनेंसी मॉनिटरिंग, एनसी पंजीयन सहित अन्य स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो रहे हैं। बुधवार को हड़ताल के छठे दिन सिविल अस्पताल में दोपहर 12 से चार बजे तक धरना दिया गया। धरने के दौरान जिम्मेदार अधिकारीयों के मौके पर उपस्थित नहीं होने से आशा, उषा, आशा पर्यवेक्षक में और भी नाराजगी दिखाई दी।
जिला अध्यक्ष संगीता मारूं ने बताया कि वेतन आदि मांगों को लेकर ज्ञापन के माध्यम से अधिकारियों को अवगत करवाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से आर्थिक हालात के चलते अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा रही है। धरने के दौरान आशा सुपरवाइजर संतोष डामेचा, सुनीता सोलंकी, राखी माली, सुनीता काग, चंद्रकला गोपाल, ललिता, दीपिका वंदन सिंह, आशा कार्यकर्ता संतोषी मावी, मंजू, ममता बाबर, कमल परमार, रेखा सोलंकी, निर्मला मुलेवा, गंगा परमार, यशोदा पाटीदार, संध्या यादव सहित बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


















