सरदारपुर। ग्राम जौलाना से एक बेहद निंदनीय और तनावपूर्ण घटना सामने आई है। यहाँ अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा आदिवासी समाज के परम पूज्य और महान क्रांतिकारी जननायक टंट्या मामा (टंट्या भील) की मूर्ति को खंडित कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश फैल गया। सरदारपुर थाने पर सर्व आदिवासी समाज द्वारा विधायक प्रताप ग्रेवाल के नेतृत्व में टंट्या मामा की प्रतिमा को खंडित करने वालो के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर एसडीओपी विश्वदीपसिंह परिहार को ज्ञापन सौपा गया।
सर्व आदिवासी समाज द्वारा सौपे गए ज्ञापन में बताया कि 29 जून को ग्राम जोलाना स्थित आदिवासी क्रांतिकारी टंट्या मामा की मूर्ति को अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर खंडित कर दिया गया है। इस कृत्य से क्षेत्र के आदिवासी समाज के एवं समस्त समस्त आदिवासी भाईयों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है तथा क्षेत्र में आक्रोश एवं तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

यह कृत्य समाज में वैमनस्य फैलाने एवं कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास प्रतीत होता है। ज्ञापन के माध्यम से समाज द्वारा घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराई जाने, 24 घंटे के अंदर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई करने क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की गई।
इस दौरान विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि टंट्या मामा केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक हैं। विधायक ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि भविष्य में महापुरुषों की प्रतिमाओं के साथ ऐसी अपमानजनक घटनाओं को रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपाय किए जाए। ज्ञापन का वाचन जीवन गिरवाल ने किया। इस मौके पर ब्रजेश ग्रेवाल, बालूसिंह बारिया, भारत सिह खराड़ी सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।

















