राजगढ़। क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक ऐतिहासिक मां माही शबरी कावड़ यात्रा इस वर्ष भी 17 अगस्त श्रावण माह के तीसरे सोमवार को भव्य रूप से निकाली जाएगी। आयोजन की तैयारियों को लेकर रविवार को स्थानीय कृषि उपज मंडी प्रांगण में वृहद बैठक आयोजित की गई, जिसमें राजगढ़ क्षेत्र के लगभग 60 गांवों के प्रबुद्धजन व समाजजन शामिल हुए।
बैठक में यात्रा की रूपरेखा तय करने के साथ ही कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियों की टोलियों का गठन किया गया।
बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत धर्म जागरण सहसंयोजक ललित कोठारी, ग्राम विकास विभाग सहसंयोजक लक्ष्मण सोलंकी तथा जिला संघ चालक बाबूलाल हामड़ मुख्य रूप से उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में श्रद्धा व आस्था जागरण के साथ ही संगठित हिन्दू समाज की सक्रियता के लिए इस प्रकार के वृहद धार्मिक आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। ये आयोजन ही समाज में धर्म की अलख जगाने व जागरूकता लाने का सशक्त माध्यम हैं।
नरसिंह देवला से जल लेकर झिरणेश्वर झिरणेश्वर महादेव का करेंगे जलाभिषेक –
मां माही शबरी कावड़ यात्रा का शुभारंभ 17 अगस्त, सोमवार को सुबह 10:00 बजे पवित्र धाम नरसिंह देवला से होगा। नरसिंह देवला धाम पर कावड़ यात्री मां माही का पवित्र जल भरेंगे। यात्रा के प्रारंभ में यहाँ एक विशाल धर्मसभा आयोजित की जाएगी, जिसे पूज्य संतों एवं प्रखर वक्ताओं द्वारा संबोधित किया जाएगा। धर्मसभा के पश्चात यात्रा नरसिंह देवला से प्रारंभ होकर सरदारपुर और राजगढ़ नगर होते हुए आगे बढ़ेगी। कावड़ यात्रा प्रसिद्ध झिरणेश्वर महादेव मंदिर पहुँचेगी, जहाँ भगवान शिव का पवित्र माही जल से जलाभिषेक करने के साथ यात्रा का समापन होगा। यात्रा मार्ग में विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा स्वागत मंच बनाए जाएँगे। कावड़ियों के लिए चाय, अल्पाहार, शीतल पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक व्यवस्था रहेगी।
116 गांवों में बनेंगी समितियां, घर-घर पहुँचेगा निमंत्रण–
इस वर्ष कावड़ यात्रा को और अधिक भव्य स्वरूप देने के लिए राजगढ़ क्षेत्र के 116 गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है। यात्रा को लेकर प्रत्येक गांव में विशेष समितियों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही समितियां कावड़ यात्रियों के पंजीयन उन्हें यात्रा स्थल तक लाने और यात्रा समाप्ति के बाद सुरक्षित गांव तक पहुँचाने की संपूर्ण व्यवस्था देखेंगी। यात्रा की तिथि घोषित होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क और तैयारियों को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।
व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए बनीं विशेष टोलियां –
आयोजन को निर्विघ्न और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कार्यकर्ताओं की अलग-अलग टोलियां गठित कर उन्हें जिम्मेदारियां सौपी गई है। कावड़ यात्रा हेतु भोजन एवं अल्पाहार व्यवस्था टोली, जल व्यवस्था, यातायात व्यवस्था सहित अन्य टोलियां गठित की गई हैं।


















