शारदीय नवरात्रि 11 से: गज पर सवार होकर आएंगी माता रानी, 18-19 अक्टूबर को होंगे राजगढ़ में माताजी मंदिर पर मां कामाख्या कालिका के दुर्लभ दर्शन

राजगढ़। आगामी शारदीय नवरात्रि की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 11 अक्टूबर से होगा और समापन 19 अक्टूबर को होगा। इस बार मां दुर्गा का आगमन गज (हाथी) की सवारी पर हो रहा है, जो सभी के लिए अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जा रहा है।

अष्टमी और नवमी पर खुलेंगे मां कामाख्या के द्वार –
प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी राजगढ़ नगर के प्रसिद्ध पाँच धाम एक मुकाम श्री माताजी मंदिर के गर्भगृह में विराजित दक्षिणमुखी मां कामाख्या कालिका के दर्शन हेतु विशेष इंतजाम किए गए हैं। अष्टमी और नवमी तिथि 18 और 19 अक्टूबर को सुबह सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक मां कामाख्या के द्वार भक्तों के लिए खुले रहेंगे। मान्यता है कि मां कामाख्या कालिका के दर्शन मात्र से ही असाध्य रोग, कष्ट और परेशानियां दूर होती हैं तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस दुर्लभ दर्शन के लिए धार जिले के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

20 को मनेगा दशहरा –
माताजी मंदिर के ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम भारद्वाज ने बताया कि 11 अक्टूबर से नवरात्रि प्रारंभ होगी। महाअष्टमी 18 अक्टूबर को तथा महानवमी 19 अक्टूबर को रहेगी। वही विजयादशमी (दशहरा) 20 अक्टूबर मंगलवार को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम ने सभी श्रद्धालुओं से अपनी-अपनी कुल परंपरा के अनुसार मां की पूजा-अर्चना करने और विश्व शांति की कामना करने की अपील की है।

इन मुहूर्त में करें घट स्थापना –
ज्योतिषाचार्य श्री भारद्वाज ने बताया कि घट स्थापना के लिए विभिन्न मुहूर्त रहेंगे। 11 अक्टूबर को प्रात 07.56 से 09.18 चल चौघङिया, प्रातः 09.18 बजे से 10.44 बजे लाभ चौघङिया, प्रात 10.44 बजे से 12.33 बजे अमृत चौघड़िया, प्रात 11.52 बजे से 12.33 बजे अभिजित मुहूर्त, शाम 06.03 बजे से 09.18 बजे शुभ एवं अमृत चौघङिया में घट स्थापना कर सकते हैं।

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