सरदारपुर। क्षेत्र में गहराते जल संकट, अल्पवर्षा की मार और सिंचाई के पानी की किल्लत को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने आंदोलन की राह पकड़ ली है। किसानों के हक के लिए यूनियन के जिलाध्यक्ष राकेश सोलंकी के नेतृत्व में अन्नदाताओं ने सरदारपुर स्थित माही नदी के तट पर जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है।
भाकियू जिलाध्यक्ष राकेश सोलंकी ने बताया कि इस वर्ष बारिश की भारी कमी के चलते फसलें सूखने की कगार पर हैं और क्षेत्र के जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं। शासन-प्रशासन द्वारा किसानों की समस्याओं की अनदेखी किए जाने के विरोध में अब किसानों ने लोकतांत्रिक ढंग से नदी में उतरकर संघर्ष का बिगुल फूंका है।
यूनियन की 5 प्रमुख मांगें –
जिलाध्यक्ष सोलंकी ने कहा कि आंदोलन के माध्यम से 5 प्रमुख मांगे रखी गई हैं। जिनमे फसलों की तत्काल सिंचाई के लिए नर्मदा सिंचाई परियोजना का पानी उपलब्ध करवाए जाने, भविष्य में जल संकट से बचाव के लिए नर्मदा के पानी से क्षेत्र के सभी सूखे तालाबों और जलाशयों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाने, अल्पवर्षा और फसल बर्बादी की स्थिति को देखते हुए पूरे धार जिले को तत्काल आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित करने, सूखे से नष्ट हुई फसलों का निष्पक्ष और त्वरित सर्वे कराकर किसानों को तत्काल उचित राहत राशि व मुआवजा देने तथा हर साल बनने वाले जल संकट से निजात दिलाने के लिए सरदारपुर क्षेत्र में सिंचाई की दीर्घकालिक और स्थायी जल प्रबंधन योजना तैयार करने की मांग हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम –
जल सत्याग्रह की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन भी मुस्तैद है। नदी तट पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए डीआरसी (आपदा राहत दल) के राजेश यादव और राजू पंवार सहित सुरक्षा टीम मौके पर तैनात है।


















