राजगढ़। महावीर स्थानक भवन, राजगढ़ में श्री धर्मदास गण परिषद के “गण आपके द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत तत्वज्ञ पूज्य श्री धर्मेन्द्रमुनिजी म.सा. आदि ठाणा 6 के दर्शन, वंदन एवं मांगलिक श्रवण का लाभ प्राप्त किया गया।
मेघनगर एवं झाबुआ श्रीसंघ में प्रवास के पश्चात श्री धर्मदास गण परिषद का दल राजगढ़ पहुंचा। इस अवसर पर गण के राष्ट्रीय अध्यक्ष भरतजी भंसाली, महामंत्री शैलेश पीपाड़ा, दीपक रुणवाल, सोहनलाल रुणवाल सहित अन्य सदस्य राजगढ़ श्रीसंघ में पधारे, जिनका श्रीसंघ द्वारा बहुमान किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत भंसाली ने श्रावण एवं भाद्रपद मास में आयोजित होने वाली मिनी वर्षीतप आराधना से अधिकाधिक श्रावक-श्राविकाओं को जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिन साधकों को अनुकूलता हो, वे पूर्ण वर्षीतप आराधना भी सातापूर्वक संपन्न करें।
उन्होंने आगामी वर्षावास 2026 के दौरान श्रावण मास की विशेष आराधनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए संघजनों से घर-घर धर्म संदेश पहुंचाने एवं अधिकाधिक लोगों को आराधना से जोड़ने का आग्रह किया। साथ ही बताया कि 28 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ होने के साथ ही स्थानीय स्वाध्याय संघ के स्वाध्यायी प्रतिदिन अपनी सेवाएं श्रीसंघ को प्रदान करेंगे।
गण परिषद द्वारा द्वितीय वर्ष में विशेष सामायिक आराधना के अंतर्गत वर्षभर में 1500 सामायिक तथा पक्खी पर्व की आराधना एवं प्रतिक्रमण करने वाले कुल 24 श्रावक-श्राविकाओं का सम्मान एवं पुरस्कार वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर अणु जन्म शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित होने वाली आगामी आराधनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। गण परिषद ने सभी श्रीसंघों को अधिक से अधिक धर्म आराधना से जोड़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के सदस्य संतोष बुरड़, नरेंद्र मूणत, अनिल नखेत्रा, वर्धमान, ज्ञानचंद, सचिन, अंकुश खाबिया, आशीष वागरेचा, पंकज, हर्षजी मामा, हितेश वागरेचा सहित अनेक श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। सभी के सहयोग से “गण आपके द्वार” कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उक्त जानकारी संघ के मीडिया प्रभारी हितेश वागरेचा द्वारा दी गई।

















