सरदारपुर – कोर्ट का बड़ा फैसला, ढाई साल की मासूम से दरिंदगी करने वाले आरोपी को 20 साल का सश्रम कारावास, राजगढ़ में ‘कुरकुरे’ दिलाने का दिया था लालच

सरदारपुर। ढाई साल की मासूम बच्ची के साथ गलत काम करने वाले एक कलयुगी दरिंदे को विशेष अपर सत्र न्यायालय सरदारपुर ने सख्त सजा सुनाई है। न्यायालय ने मामले की गंभीरता और अभियोजन पक्ष के पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी राजेश पिता नानुराम वसुनिया (उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम बोरदी) को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है।

अभियोजन अधिकारी पीएल मेड़ा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल को झकझोर देने वाली यह घटना 15 अप्रैल 2024 की है। पीड़िता की मां ने राजगढ़ थाने पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी ढाई साल की मासूम बेटी अचानक गायब हो गई है। परिजनों के मुताबिक, आरोपी राजेश बच्ची को ‘कुरकुरे’ दिलाने का लालच देकर अपने साथ बहला-फुसलाकर ले गया था। बच्ची के घर न मिलने पर परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पूरे इलाके में सर्चिंग अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान राजगढ़ थाना अंतर्गत कुक्षी नाके पर आरोपी राजेश संदिग्ध हालत में खड़ा दिखाई दिया। पुलिस और परिजनों को देखकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस जवानों ने दौड़ लगाकर उसे दबोच लिया।

हाईवे किनारे डरी-सहमी मिली मासूम
पुलिस की कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी ने अपना जुर्म कबूला और उसकी निशानदेही पर मासूम बच्ची को हाईवे के किनारे से बरामद किया गया। जब मां ने अपनी जिगर के टुकड़े को गोद में उठाया, तो बच्ची बुरी तरह रो रही थी और खौफ में थी। उसके गाल, पीठ और शरीर पर चोट व खरोंच के निशान थे। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर तत्परता से विवेचना पूर्ण की और चालान माननीय न्यायालय में पेश किया।

साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा
न्यायालय में सुनवाई के दौरान शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक बापूसिंह बिलवाल द्वारा की गई। उन्होंने कोर्ट के समक्ष अचूक साक्ष्य और गवाह पेश किए। माननीय विशेष अपर सत्र न्यायाधीश ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रमाणों को सही और अकाट्य मानते हुए आरोपी राजेश को विभिन्न धाराओं में दोषी पाया और उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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