दसाई। तहसील का सबसे बडा गांव दसाई वर्तमान में स्वास्थ्य के क्षेत्र मेें सुविधाओ के मामले काफी उपेक्षा का शिकार होते दिखाई दे रहा हैं। जिसके चलते आसपास के लोगो को काफी परेशानी उठाना पड रही है। 12 हजार से अधिक दसाई की आबादी के साथ ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में आसपास के सैकड़ो गांव दसाई पर निर्भर रहने से यह आबादी 50 हजार से अधिक हैं। मगर शासन का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कोई ध्यान नही है। जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग में कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त पडे है। मात्र एक डाॅक्टर ही अपनी सेवा दे रहें हैं।
स्वास्थ्य केंद्र पर महिला चिकित्सक, ड्रेसर, फार्मासिस्ट, आयाबाई, सपोर्ट स्टाफ के साथ ही नर्स का अभाव बना हुआ है। महिला चिकित्सक के अभाव में कई बार सामान्य बिमारी से लेकर प्रसूति सेवाओ के लिये महिलाओ को परेशानी का सामना करना पडता है। एक्स-रे मशीन लगभग 3 सालों से धूल खा रही है।जिससे लोगो को एक्स-रे करवाने के लिए करीब 40 किलोमीटर दूर धार या राजगढ़ जाना पड़ रहा हैं। जिससे समय के साथ पैसे की अतिरिक्त मार पड़ रही।

भवन में टपकता हैं पानी –
स्वास्थ्य विभाग के भवन में कई जगह पानी टपकना आमबात हो गई है। कुछ कमरो की हालात काफी खराब है। साथ ही भवन के सामने जल जमाव होने से मच्छरो का प्रकोप रहता है। जिससे बिमारी फैलने का डर बना है। प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र पर आए दिन लाइट से फॉल्ट होना आमबात है, जिससे घंटों लाइट बंद रहती है। ऐसे में रात के समय मरीज आने पर लाइट गुल होने से डाॅक्टर के साथ मरीजो को परेशान होना पडता है। वही कुछ माह पूर्व ही विभाग द्वारा आवास परिसर बनाया गया। इस भवन में लाइट, नल की फिटिगं रामभरोसे ही है। भवन के सामने तेज वर्ष होने से पानी की निकासी नही होने से जल जमाव हो जाता है ऐसे में भवन में रहने वालो का निकलना मुश्किल हो जाता है।
एक डॉक्टर के भरोसे अस्पताल –
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रति माह दो से तीन हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए आते है। साथ ही सोमवार को भीड रहती है ऐसे में मात्र एक डाॅक्टर का होना पर्याप्त नही है । कई बार डाॅक्टर के अवकाश पर रहने से सारा मामला बिगड जाता है। ऐसे मे मरीजो को बाहर के डाॅक्टरो की शरण लेना पडती है।
इस मामले में स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर डाॅ. प्रदीप मालवीया ने बताया कि स्वास्थ्य केन्द्र पर स्टाफ की कमी के साथ ही यहां की समस्याओ के बारे मेे आलाअधिकारी को अवगत करवा दिया गया है।


















